गांधी भवन टकराव: नारेबाजी से पत्थरबाजी, वॉटर कैनन चला

इंदौर | दैनिक राजीव टाइम्स।
गांधी भवन टकराव के कारण शनिवार को शहर में सियासी तनाव बढ़ गया। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। पहले नारे लगे। फिर माहौल अचानक उग्र हो गया। इसलिए पुलिस को वॉटर कैनन चलाना पड़ा।
गांधी भवन टकराव कैसे बढ़ा?
जानकारी के अनुसार एआई समिट को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बीच भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय के घेराव की रणनीति बनाई।
हालांकि, कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से मौजूद थे। जैसे ही भाजपा का जत्था पहुंचा, नारेबाजी तेज हो गई।
कुछ ही मिनटों में गांधी भवन टकराव हिंसक रूप ले गया।
पत्थर और बोतलें फेंकी गईं
बैरिकेडिंग की गई थी। फिर भी दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पत्थर, पानी की बोतलें और टमाटर फेंके गए।
इस वजह से अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने पहले से अतिरिक्त बल तैनात किया था। साथ ही दंगा नियंत्रक वाहन ‘वज्र’ भी मौके पर था।
स्थिति बिगड़ते देख वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। धीरे-धीरे भीड़ को पीछे हटाया गया।
घायल हुए लोग, जांच शुरू
करीब आधे घंटे तक तनाव बना रहा। इस दौरान एक मीडियाकर्मी और एक स्थानीय नेता घायल हुए।
हालांकि, गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।
इसके अलावा आसपास की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है।
इंदौर की छवि पर सवाल?
इंदौर अपनी स्वच्छता और अनुशासन के लिए जाना जाता है। इसलिए गांधी भवन टकराव ने शहर की छवि पर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा रखी जाएगी।




