ब्रजेश्वरी अग्निकांड जांच: बिजली खंभे से आग का शक, टीम मौके पर

ब्रजेश्वरी अग्निकांड जांच में नई जानकारी, टीम पहुंची मौके पर
ब्रजेश्वरी अग्निकांड जांच में बड़ा अपडेट सामने आया है। ब्रजेश्वरी अग्निकांड जांच के तहत परिजनों के बयान के बाद एमपीईबी, पुलिस और अन्य विभागों की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।
दरअसल, शुरुआती जानकारी में आग की वजह ईवी चार्जिंग बताई जा रही थी, लेकिन परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए बिजली के खंभे से शॉर्ट सर्किट को कारण बताया है।
बिजली खंभे से आग लगने का आरोप
ब्रजेश्वरी अग्निकांड जांच में मृतक मनोज पुगलिया के बेटे सौरभ ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पास के बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग लगी।
हालांकि, यह आग पहले वाहन तक पहुंची और फिर पूरे घर में फैल गई। दूसरी ओर, इस बयान के बाद जांच का एंगल बदल गया है।
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शॉर्ट सर्किट से आग का दावा
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ईवी चार्जिंग थ्योरी खारिज
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घर और वाहन पूरी तरह जले
जांच के लिए मौके पर पहुंची टीम
ब्रजेश्वरी अग्निकांड जांच के तहत एमपीईबी, पुलिस और अन्य विभागों की टीम घटनास्थल पर पहुंची।
दरअसल, टीम ने ताला खोलकर बिजली के तारों की जांच शुरू की है। वहीं, आसपास के हालात का भी बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है।
इसके अलावा, तकनीकी पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
रहवासियों के बयान भी दर्ज
ब्रजेश्वरी अग्निकांड जांच में पुलिस आसपास के रहवासियों के बयान भी ले रही है।
वहीं, गवाहों के बयान से घटना के क्रम को समझने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों ने भी कई अहम बातें बताई हैं।
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रहवासियों के बयान दर्ज
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घटना के क्रम की जांच
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गवाहों से पूछताछ
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड देरी से पहुंची।
दरअसल, मौके पर पर्याप्त संसाधनों की कमी भी बताई गई है। वहीं, इससे राहत कार्य प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
अधिकारियों का बयान और आगे की कार्रवाई
ब्रजेश्वरी अग्निकांड जांच को लेकर अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
साथ ही, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदारी तय होगी।
इससे पहले भी इंदौर में आग से जुड़े मामलों ने चिंता बढ़ाई थी। इस मामले में विस्तृत अपडेट देखें…
इससे पहले शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। इससे पहले पढ़ें…
स्रोत: Madhya Pradesh Police





