इंदौर चेटीचंड हादसा: कलेक्टर चौराहे पर मंच गिरा, बड़ा हादसा टला

इंदौर चेटीचंड हादसा में जुलूस के दौरान मंच गिरा
इंदौर चेटीचंड हादसा के दौरान शहर में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इंदौर चेटीचंड हादसा में कलेक्टर चौराहे पर बनाए गए स्वागत मंच के गिरने से अफरा-तफरी मच गई।
दरअसल, सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव पर निकले जुलूस के दौरान मंच पर अधिक संख्या में लोग चढ़ गए थे, जिससे यह हादसा हुआ। वहीं, राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
कलेक्टर चौराहे पर कैसे हुआ हादसा?
इंदौर चेटीचंड हादसा कलेक्टर चौराहे पर हुआ, जहां जय राजदेव द्वारा स्वागत मंच लगाया गया था।
हालांकि, मंच पर अचानक ज्यादा लोग चढ़ने से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गिर गया। दूसरी ओर, मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
- मंच पर अधिक भीड़
- अचानक संतुलन बिगड़ा
- मंच गिरने से अफरा-तफरी
विधायक सहित कई लोग थे मौजूद
इंदौर चेटीचंड हादसा के समय मंच पर विधायक गोलू शुक्ला सहित कई समर्थक मौजूद थे।
दरअसल, मंच गिरने के दौरान सभी लोग सतर्क हो गए और सुरक्षित नीचे उतर गए। वहीं, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
सिलेंडर मौजूद होने से बढ़ा खतरा
इंदौर चेटीचंड हादसा में एक और गंभीर पहलू सामने आया। मंच पर बड़ी संख्या में सिलेंडर भी रखे हुए थे।
हालांकि, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी सिलेंडरों को हटाया। दूसरी ओर, इससे संभावित बड़ा खतरा टल गया।
- मंच पर रखे थे सिलेंडर
- पुलिस ने तुरंत हटाए
- बड़ा हादसा टला
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
इंदौर चेटीचंड हादसा के बाद पुलिस और प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंच गया।
वहीं, अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों को सुरक्षित स्थान पर हटाया। इसके अलावा, पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
आगे सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इंदौर चेटीचंड हादसा के बाद आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद मंच की क्षमता का ध्यान नहीं रखा गया। दूसरी ओर, प्रशासन को भविष्य में ऐसे आयोजनों में सतर्क रहने की जरूरत है।
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स्रोत: Indore Police




