ईरान-अमेरिका जंग: आज रात सबसे बड़े हमले की चेतावनी

ईरान-अमेरिका जंग: मिसाइल ठिकानों पर सबसे बड़ा हमला संभव
ईरान-अमेरिका जंग अब और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। ईरान-अमेरिका जंग के आठवें दिन अमेरिका ने संकेत दिया है कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जा सकता है।
दरअसल अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा है कि इस हमले का मुख्य लक्ष्य ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल निर्माण फैक्ट्रियों को नष्ट करना होगा। इससे ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने की कोशिश की जाएगी।
अमेरिका बोला- आज होगा सबसे बड़ा हमला
अमेरिका के वित्त मंत्री Scott Bessent ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
दरअसल इस ऑपरेशन में मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जाएगा।
हालांकि उनका दावा है कि इससे ईरान की मिसाइल क्षमता काफी कमजोर हो जाएगी।
मुख्य बिंदु:
-
मिसाइल लॉन्चर निशाने पर
-
हथियार फैक्ट्रियों पर हमला
-
ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर करने की रणनीति
तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हमला
इसी बीच Mehrabad International Airport पर शुक्रवार देर रात जोरदार धमाका हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक हमले के बाद एयरपोर्ट के पास आग और धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार:
-
रनवे के पास धमाका
-
कुछ विमान आग की चपेट में
-
आसपास के इलाके में धुआं
हालांकि नुकसान की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
रूस पर ईरान को खुफिया मदद देने का आरोप
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रूस जंग के दौरान ईरान की मदद कर रहा है।
दरअसल अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार मॉस्को ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी खुफिया जानकारी दे रहा है।
मुख्य आरोप:
-
अमेरिकी सैन्य ठिकानों की जानकारी साझा
-
टारगेटिंग इंटेलिजेंस की मदद
-
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका
जंग में बढ़ता जा रहा नुकसान
मिडिल ईस्ट में जारी इस संघर्ष में दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है।
हालांकि रिपोर्ट के अनुसार अब तक ईरान में 1300 से ज्यादा हमले हो चुके हैं।
मुख्य आंकड़े:
-
1332 से अधिक लोगों की मौत
-
14 मेडिकल सेंटर निशाना बने
-
कई शहरों में बिजली-पानी सप्लाई प्रभावित
इसके अलावा ईरान ने भी कई देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
भारत में रुका ईरान का युद्धपोत
इस बीच ईरान का युद्धपोत IRIS Lavan भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है।
दरअसल तकनीकी खराबी आने के बाद ईरान ने भारत से मदद मांगी थी।
इसके बाद जहाज को भारतीय बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति दी गई।
मुख्य तथ्य:
-
183 क्रू मेंबर जहाज पर
-
कोच्चि पोर्ट पर तकनीकी जांच
-
हाल ही में नौसैनिक अभ्यास में शामिल
स्रोत: The Washington Post







