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खंडवा में रिश्तेदारी के चलते लाइन अटैच हुए TI, भाई की साली का चुनावी प्रत्याशी होना बना मुसीबत

MP Politics News
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मध्यप्रदेश में चुनावी दौर चल रहा हैं, हर विधानसभा में बस इसी बात की चर्चा हैं की, इस बार चुनाव में किसकी सरकार बनेगी ? लेकिन क्या कभी ऐसा हुआ है कि, किसी दूर के रिश्तेदार का चुनाव लड़ना भी शासकीय अधिकारियों की परेशानी का सबब बन जाये।

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दरअसल, खंडवा जिले के पिपलोद थाने में पदस्थ TI अनोखी सिंह सिंथिया को महज़ इसलिए स्थानांतरित होना पड़ा क्यूंकि उनके भाई की साली उसी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही है। पंधाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रूपाली बारे की बहन TI आलोक सिंथिया से ब्याही गई हैं। यानी टीआई साहब कांग्रेस प्रत्याशी की जीजाजी के भाई हैं, इसी रिश्ते के चलते उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे थे।

आदर्श आचार संहिता में यह स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए है कि, किसी क्षेत्र में किसी शासकीय व्यक्ति का रिश्तेदार चुनाव लड़ रहा हो तो वह उस क्षेत्र में ड्यूटी नहीं कर सकता। एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने बताया कि – “हालांकि इस मामले में निर्वाचन कार्यालय में कोई शिकायत नहीं आई थी, लेकिन फिरभी पुलिस को अपने स्तर पर जानकारी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। सिंथिया को पुलिस लाइन अटैच किया गया है जबकि उनके स्थान पर अभी कोई भी पदस्थापना नहीं की गई है।”

बता दें कि, 33 साल की रूपाली नंदू बारे ने पिछली बार कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा और 25456 (12.80 %) वोट हासिल कर अपनी व्यक्तिगत पकड़ साबित कर दी थी। अगर 2018 के चुनाव में कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध नहीं लगातीं तो भाजपा के राम दांगोरे की जीत संदिग्ध हो सकती थी। रूपाली के पिता नंदू बारे को कांग्रेस ने 2013 में अपना प्रत्याशी बनाया था, तब उन्होंने 42.21% वोट हासिल किए थे लेकिन उनके आकस्मिक निधन के बाद से बेटी क्षेत्र में लगातार सक्रिय है, इसलिए कांग्रेस ने उन पर अपना भरोसा जताया है।

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