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गोरों पर अत्याचार का हवाला देकर ट्रंप G20 से गैरहाजिर: पुतिन और जिनपिंग की हालत, भारत के लिए क्यों खास

गोरों पर अत्याचार का हवाला देकर ट्रंप G20 से गैरहाजिर: पुतिन और जिनपिंग की हालत, भारत के लिए क्यों खास

नई दिल्ली – G20 समिट में इस बार राजनीतिक और स्वास्थ्य कारणों के चलते कई प्रमुख नेता अनुपस्थित रहेंगे। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गोरों पर अत्याचार का हवाला देकर इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय लिया है। इसके पीछे ट्रंप ने वैश्विक बायोडायवर्सिटी और पर्यावरण संबंधी मुद्दों को प्रमुख कारण बताया है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी समिट में शामिल नहीं हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पुतिन को गिरफ्तारी का डर है और उनकी गैरहाजिरी को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा चल रही है। वहीं, चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वे भी इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे।

इस बार G20 समिट का भारत में होना विशेष महत्व रखता है। भारत आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से उभरते देशों की भूमिका को और मजबूत करने के प्रयास में है। ग्लोबल स्तर पर भारत की रणनीति, डिजिटल और हरित अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और विकासशील देशों के लिए वैश्विक सहयोग पर चर्चा मुख्य एजेंडा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप, पुतिन और जिनपिंग की गैरहाजिरी से भारत को दुनिया के उभरते और लोकतांत्रिक देशों के साथ नए गठबंधन बनाने का अवसर मिलेगा। भारत अपनी प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर स्पष्ट रूप से रख सकता है और G20 के निर्णयों में अधिक प्रभाव डाल सकता है।

G20 सम्मेलन के दौरान आर्थिक, जलवायु और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत की अर्थव्यवस्था, डिजिटल नवाचार और हरित ऊर्जा पहलें दुनिया के अन्य बड़े देशों के लिए उदाहरण पेश करेंगी। इस मौके पर भारत नए निवेशकों को आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी काम करेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार G20 समिट में बड़े नेताओं की अनुपस्थिति ने भारत को मंच पर रणनीतिक और कूटनीतिक बढ़त दी है। वैश्विक राजनीति में भारत की स्थिति मजबूत होती दिख रही है और यह समिट देश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।

इस समिट में न सिर्फ वैश्विक आर्थिक मुद्दे, बल्कि जलवायु संकट, स्वास्थ्य और सतत विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। भारत की पहलें जैसे सौर ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी, वैश्विक मंच पर सराहनीय मानी जा रही हैं।

संक्षेप में, ट्रंप, पुतिन और जिनपिंग की अनुपस्थिति G20 में भारत के लिए अवसर और जिम्मेदारी दोनों बढ़ा रही है। देश के लिए यह समिट एक सुनहरा मौका है कि वह अंतरराष्ट्रीय नीति, आर्थिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर अपनी आवाज़ को और मजबूत करे।

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