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अयोध्या में PM मोदी का भव्य रोड शो, रामलला की धर्मध्वजा फहराने की तैयारी; 21 किलो सोने से सजे दंड की पहली तस्वीर आई सामने

अयोध्या में PM मोदी का भव्य रोड शो, रामलला की धर्मध्वजा फहराने की तैयारी; 21 किलो सोने से सजे दंड की पहली तस्वीर आई सामने

अयोध्या आज एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला मंदिर पहुंचने से पहले शहर में भव्य रोड शो कर रहे हैं। सड़कों पर भारी भीड़, जय श्री राम के जयकारे और दिवाली जैसे उत्सव का माहौल इस बात का संकेत है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक बन चुका है।

प्रधानमंत्री मोदी थोड़ी देर में रामलला की भव्य ‘धर्मध्वजा’ फहराएंगे, जिसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। इस बीच वह शानदार धर्मध्वजा दंड की पहली तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें 21 किलो शुद्ध सोने का उपयोग किया गया है। यह दंड अपने आप में अनोखा है, जिसकी नक्काशी और निर्माण में देश के श्रेष्ठ कारीगरों ने महीनों मेहनत की है। सोने से जड़ा यह दंड मंदिर परिसर के लिए भव्यता और दिव्यता का नया प्रतीक बनने जा रहा है।

रोड शो के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत फूलों की बारिश से किया जा रहा है। अयोध्या की गलियों, भवनों और मंदिर मार्ग को विशेष रोशनी से सजाया गया है। शहर में सुरक्षा कड़ी रखी गई है, जिसमें ATS, NSG और SPG की टीमें तैयार हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा तैनात है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके। स्थानीय प्रशासन और केंद्र सरकार के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है।

रोड शो में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और हाथ हिलाकर जनता का धन्यवाद किया। पूरा माहौल उत्साह और आस्था से भरा हुआ है। पीएम मोदी का यह दौरा अयोध्या के लिए सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ ऐतिहासिक क्षण भी है, क्योंकि राम मंदिर के निर्माण के बाद यह पहला बड़ा आयोजन है जिसमें धर्मध्वजा फहराई जा रही है।

धर्मध्वजा का विशेष महत्व भी है। धार्मिक मान्यता है कि मंदिर पर फहराई जाने वाली ध्वजा न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है, बल्कि यह मंदिर की सुरक्षा और समृद्धि का संकेत भी होती है। सोने से बने दंड को देखकर भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला है। लोग इसे ‘स्वर्णिम युग’ की शुरुआत का प्रतीक बता रहे हैं।

इसके अलावा मंदिर परिसर में आज विशेष पूजा-अनुष्ठान भी रखे गए हैं। साधु-संतों, अखाड़ा परिषद, विभिन्न धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी इस आयोजन को और विशेष बना रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह आयोजन आने वाले वर्षों में अयोध्या के सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, यह भारत की आध्यात्मिक विरासत को दुनिया के सामने नए स्वरूप में प्रस्तुत करेगा।

अंत में, पीएम मोदी का यह भव्य रोड शो और रामलला की धर्मध्वजा का फहराया जाना आने वाले समय में अयोध्या की नई पहचान तय करने वाला माना जा रहा है। भक्तों, श्रद्धालुओं और नागरिकों के लिए यह दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला है।

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