नई दिल्ली। इंडिगो संकट के बीच एअर इंडिया ने अपने A320 और B737 विमानों के लिए अनुभवी पायलटों की भर्ती का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने सोशल मीडिया और हायरिंग पोर्टल्स पर विज्ञापन जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि “आसमान की कोई सीमा नहीं है, यह बस शुरुआत है।” यह कदम इंडिगो में पायलटों की कमी और लगातार उड़ानों में हो रही देरी और रद्द होने की घटनाओं के बीच आया है।
एअर इंडिया की हायरिंग प्रक्रिया
एअर इंडिया ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पायलटों को आमंत्रित किया है कि वे 22 दिसंबर तक आवेदन जमा करें। एयरलाइन ने कहा कि A320 फ्लीट के लिए वह अनुभवी “टाइप रेटेड” कमांड पायलटों की तलाश कर रही है। वहीं, B737 फ्लीट के लिए कंपनी “टाइप रेटेड” और “नॉन-टाइप रेटेड” दोनों तरह के पायलटों को हायर करेगी। टाइप रेटिंग उन पायलटों के लिए सर्टिफिकेशन है, जिन्होंने किसी खास एयरक्राफ्ट पर प्रशिक्षण और टेस्टिंग पूरी कर ली हो।
एअर इंडिया की यह भर्ती सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसने इंडिगो में पायलटों की कमी के कारण विशेष ध्यान आकर्षित किया। टाटा ग्रुप ने अक्टूबर 2021 में सरकार से एअर इंडिया की खरीद की थी और तब से एयरलाइन लगातार अपने फ्लाइट नेटवर्क और पायलट स्टाफ को बढ़ा रही है।
इंडिगो संकट का प्रभाव
इंडिगो में पिछले हफ्ते पायलटों और क्रू की कमी के कारण कई उड़ानों में देरी, रद्द और रीशेड्यूलिंग हुई। इस स्थिति ने पूरे भारत में सिविल एविएशन सेक्टर को प्रभावित किया। इंडिगो के संकट की जड़ नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम में बदलाव है। FDTL नियम पायलटों को उड़ान के बीच पर्याप्त आराम देने और अन्य सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करता है।
इंडिगो ने FDTL नियमों को लागू करने से पहले 1 दिसंबर को केंद्रीय एविएशन मंत्रालय के साथ बैठक की थी। इसके बाद अचानक 3 दिसंबर से फ्लाइट रद्द होने का सिलसिला शुरू हुआ। सरकार ने सख्ती से निगरानी और जांच शुरू कर दी है।
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एअर इंडिया का अवसर और संदेश
एअर इंडिया ने अपने पोस्ट में लिखा कि भारतीय एविएशन के भविष्य को कमांड करें। यह कदम न केवल एयरलाइन के लिए पायलट स्टॉक बढ़ाने का है, बल्कि इंडिगो संकट के बीच अनुभवी पायलटों के लिए सुनहरा अवसर भी है। कंपनी का संदेश स्पष्ट है कि योग्य और अनुभवी पायलटों के लिए आसमान की कोई सीमा नहीं है।
इस भर्ती से एअर इंडिया अपनी उड़ानों की विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ ही इंडिगो की प्रतिद्वंदिता का फायदा भी उठाएगी। नए FDTL नियमों के कारण इंडिगो को पायलटों की संख्या बढ़ाने और शेड्यूल स्थिर करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में एअर इंडिया की यह पहल भारतीय एविएशन के लिए एक रणनीतिक कदम मानी जा रही है।
एयरलाइन में शामिल होने वाले पायलटों को भविष्य में अपने करियर में नई संभावनाएं और चुनौतीपूर्ण अवसर मिलेंगे। A320 और B737 फ्लाइट्स के लिए भर्ती अनुभवी और योग्य पायलटों को भारत और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन का अनुभव भी प्रदान करेगी।

