इंदौर शहर की ट्रैफिक समस्या पिछले कई वर्षों से बढ़ती जा रही थी। खासकर पीक आवर्स के दौरान विभिन्न मार्गों पर वाहन चालकों को लंबे समय तक जाम का सामना करना पड़ता था। ऐसे में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने अब तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं। कलेक्टर शिवम् वर्मा ने ट्रैफिक सुधार को अपनी प्राथमिकता में शामिल करते हुए विशेष रूप से अतिक्रमण हटाने और महत्वपूर्ण सड़क मार्गों के विस्तार पर फोकस किया है।
सबसे अहम काम RE-2 रोड के उस हिस्से का है, जो MR-9 और MR-10 को जोड़ता है। यह 200 मीटर का सेक्शन लंबे समय से अधूरा पड़ा था और अतिक्रमण के कारण मार्ग पूरी तरह विकसित नहीं हो पा रहा था। यह सेक्शन तैयार होते ही शहर के दो महत्वपूर्ण जोन आपस में सीधे जुड़ जाएंगे, जिससे ट्रैफिक दबाव काफी कम होगा।
मकान मालिकों ने खुद हटाया अतिक्रमण
कलेक्टर के निर्देशों और प्रशासनिक टीम की समझाइश के बाद इस क्षेत्र में लगभग 27 अतिक्रमणों को भवन मालिकों ने स्वयं हटाना शुरू कर दिया है। यह एक सकारात्मक संकेत है कि नागरिक भी अब शहर के विकास और ट्रैफिक सुधार के प्रयासों में सहयोग करने के लिए आगे आ रहे हैं। राजस्व विभाग और अन्य संबंधित टीमों ने भी इस अभियान में सक्रियता दिखाई है, जिससे प्रक्रिया में और तेजी आई है।
अगले दो–तीन दिनों में अतिक्रमण पूरी तरह हटने की उम्मीद है, जिसके तुरंत बाद उक्त सेक्शन का निर्माण तेजी से पूरा कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यह कार्य पूरा होते ही इस क्षेत्र के ट्रैफिक दबाव में उल्लेखनीय कमी दिखाई देगी।
RE-2 से मिलेगा नया डायरेक्ट रूट
अभी तक बिचौली और आसपास के क्षेत्रों से विजयनगर पहुंचने वाले लोगों को MR-10 का लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। लेकिन RE-2 सेक्शन तैयार होते ही उन्हें एक सुगम और सीधा मार्ग मिल जाएगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी, साथ ही MR-10 पर भीड़ कम होगी और ट्रैफिक फ्लो बेहतर बनेगा।
ट्रैफिक सुधार के स्थायी समाधान की दिशा में कदम
प्रशासन की मानें तो यह सिर्फ शुरुआत है। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को एक नए स्तर पर सुधारने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट और रोड कनेक्टिविटी योजनाओं पर लगातार काम चल रहा है। अतिक्रमण हटने और सड़क निर्माण पूरा होते ही आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रैफिक विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि शहर की प्रमुख सड़कों को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ा जाए और अवैध अतिक्रमण हटाए जाएं, तो इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था देश के विकसित शहरों के बराबर खड़ी हो सकती है।

