ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आतंकी हमला: हनुक्का उत्सव के दौरान बॉन्डी बीच पर गोलीबारी, 16 लोगों की मौत
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आतंकी हमला: हनुक्का उत्सव के दौरान बॉन्डी बीच पर गोलीबारी, 16 लोगों की मौत

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है। रविवार को बॉन्डी बीच पर हनुक्का फेस्टिवल मना रहे लोगों पर अचानक हुई गोलीबारी में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 45 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस हमले ने न केवल ऑस्ट्रेलिया बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है।
त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं
जानकारी के अनुसार, बॉन्डी बीच पर बड़ी संख्या में लोग हनुक्का पर्व मना रहे थे। हनुक्का यहूदी धर्म का “रोशनी का त्योहार” है, जिसे करीब 2200 सालों से मनाया जा रहा है। यह पर्व 8 दिन और 8 रात तक चलता है, जिसमें हर दिन एक दीपक जलाया जाता है। इसी धार्मिक उत्सव के दौरान अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी और खुशियों का माहौल पलभर में चीख-पुकार में बदल गया।
16 की मौत, 45 घायल
इस आतंकी हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। मृतकों में एक 10 साल की मासूम बच्ची और एक इजराइली नागरिक भी शामिल है। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हमले के बाद समुद्र तट पर हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागते नजर आए और कई लोग जमीन पर गिर पड़े।
बाप-बेटे पर हमले का आरोप
पुलिस के अनुसार, गोलीबारी करने वाले हमलावर बाप-बेटा थे। पुलिस ने मौके पर ही 50 वर्षीय पिता साजिद अकरम को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, उसका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। पुलिस को शक है कि दोनों हमलावर पाकिस्तानी मूल के हो सकते हैं, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक जांच जारी है।
नेतन्याहू का बयान
इस हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रतिक्रिया देते हुए ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नीतियों को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह हमला केवल यहूदी समुदाय पर नहीं, बल्कि मानवता पर हमला है। दुनियाभर के कई देशों और नेताओं ने भी इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है।
दुनिया में गुस्सा और शोक
बॉन्डी बीच पर हुए इस हमले की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें समुद्र तट पर बिखरी लाशें और घायल लोगों को मदद के लिए चिल्लाते देखा जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
फिलहाल, ऑस्ट्रेलियाई पुलिस और जांच एजेंसियां इस आतंकी हमले के हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं। यह हमला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।





