2047 तक मध्य प्रदेश में आधी आबादी शहरी क्षेत्रों में: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का ‘ग्रीन सिटी’ रोडमैप
2047 तक मध्य प्रदेश में आधी आबादी शहरी क्षेत्रों में: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का 'ग्रीन सिटी' रोडमैप

मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन और शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 2047 तक राज्य के शहरीकरण का रोडमैप पेश किया। मंत्री ने कहा कि आने वाले दशकों में लगभग 50 प्रतिशत आबादी शहरी इलाकों में रहेगी, इसलिए इन्फ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, ग्रीन स्पेस और स्मार्ट सिटी पहल को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ये शहर न केवल आर्थिक केंद्र बनेंगे, बल्कि पर्यावरण और ग्रीन सिटी मॉडल के तहत एयर क्वालिटी सुधार, स्वच्छता, और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम से लैस होंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश ने स्वच्छता और शहरों के एयर क्वालिटी इंडेक्स में देश में उल्लेखनीय स्थान बनाया है और इसे और बेहतर किया जाएगा।
मंत्री ने आगे कहा, “इंदौर-उज्जैन और भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों को विकसित करने के लिए रोडमैप तैयार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ चर्चा के बाद इन योजनाओं को जल्द ही लागू किया जाएगा। इन पहलों में ग्रीन बफर जोन, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, वेस्ट मैनेजमेंट और सार्वजनिक परिवहन सुधार शामिल हैं।”
कैलाश विजयवर्गीय ने उद्योगों, नगर निगम और शहरी नियोजन विभाग के अधिकारियों से भी कहा कि शहरी इलाकों में हर पहल पर नागरिकों की सुविधा और पर्यावरण सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य सस्टेनेबल और हरित शहर बनाना है ताकि 2047 तक आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अलावा मंत्री ने शहरी विकास में स्मार्ट टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक मैनेजमेंट, ऊर्जा बचत, जल प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी समाधानों को अपनाया जाएगा।
इस रोडमैप के तहत मध्य प्रदेश में आने वाले वर्षों में मेट्रोपॉलिटन क्लस्टर के विकास को गति दी जाएगी। यह योजना शहरों को केवल रहने योग्य बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, रोजगार सृजन और पर्यटन विकास को भी बढ़ावा देगी।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नगरीय विकास की यह योजना प्रदेश के विकास और शहरों के जीवन स्तर में सुधार के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। आने वाले दिनों में इन योजनाओं का रोडमैप सार्वजनिक किया जाएगा और नागरिकों से सुझाव भी लिए जाएंगे।





