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सतना में PWD की पोल खुली: मंत्री के पैर रगड़ते ही उखड़ गई नई सड़क

DR Times
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सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार भ्रष्टाचार की पोल किसी शिकायत या रिपोर्ट से नहीं, बल्कि खुद प्रदेश की राज्यमंत्री के पैरों की हल्की सी रगड़ से खुल गई। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने जब नवनिर्मित डामर सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए सड़क पर पैर रखा, तो डामर की परत उखड़कर बिखर गई।

यह चौंकाने वाला मामला कोठी तहसील के पोड़ी–मनकहरी मार्ग का है, जहां लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 3 किलोमीटर लंबी डामर सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। रविवार शाम मंत्री प्रतिमा बागरी नैना–कोठी क्षेत्र से गुजर रही थीं। चमचमाती नई सड़क देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और खुद गाड़ी से उतरकर सड़क की गुणवत्ता परखने लगीं।

पैर रगड़ते ही उखड़ गई डामर की परत

जैसे ही मंत्री ने सड़क पर हल्का सा पैर रगड़ा, वैसे ही डामर की ऊपरी परत टूटकर अलग हो गई। यह दृश्य देखकर मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा—
“जिस सड़क की हालत मेरे पैर रखने से खराब हो जाए, वह भारी वाहनों का भार कैसे झेलेगी? यह निर्माण नहीं, बल्कि केवल लीपापोती है।”

मॉनिटरिंग सिस्टम पर उठे सवाल

मंत्री ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि सड़क का निर्माण मानकों के विपरीत किया गया है। उन्होंने फोन पर संबंधित अधिकारियों से तीखे सवाल किए—
“जिन सब-इंजीनियर्स की ड्यूटी मॉनिटरिंग में थी, वे कहां थे?”
“क्या अधिकारी सो रहे थे, जब घटिया निर्माण हो रहा था?”

मंत्री ने साफ कहा कि सरकारी पैसे की बर्बादी और गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ठेकेदार का टेंडर निरस्त, कार्रवाई के निर्देश

राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने मौके पर ही बड़ा फैसला लेते हुए संविदाकार राजेश कैला का टेंडर तत्काल निरस्त करने के निर्देश दे दिए। साथ ही, जिस इंजीनियर और अधिकारियों ने आंखें मूंदकर इस सड़क का निरीक्षण किया, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश भी दिए गए।

मंत्री ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा—
“मैंने कार्यपालन यंत्री (EE) को साफ निर्देश दिए हैं। यदि ठेकेदार और दोषी इंजीनियरों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो मैं PWD मंत्री से सीधे EE के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करूंगी।”

विभाग और ठेकेदारों में हड़कंप

मंत्री के इस औचक निरीक्षण और मौके पर लिए गए सख्त फैसलों से सतना जिले के निर्माण विभागों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। यह घटना न केवल PWD की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि यदि निगरानी सख्त हो, तो भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सकती है।

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