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यूक्रेन से वीडियो जारी कर भारतीय छात्र की अपील: रूसी सेना में मत जाओ

यूक्रेन से वीडियो जारी कर भारतीय छात्र की अपील: रूसी सेना में मत जाओ

नई दिल्ली/कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने विदेश में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुजरात के मोरबी जिले का रहने वाला एक छात्र, जो रूस में पढ़ाई के लिए गया था, अब यूक्रेन से वीडियो जारी कर लोगों से अपील कर रहा है कि किसी भी हाल में रूसी सेना में शामिल न हों

छात्र का नाम साहिल मोहम्मद हुसैन बताया जा रहा है। साहिल ने दावा किया है कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद उसे रूस में फर्जी ड्रग्स केस में फंसाकर ब्लैकमेल किया गया और फिर जबरन रूसी सेना में भर्ती करने की कोशिश की गई।

स्टूडेंट वीजा पर गया था रूस

साहिल ने वीडियो में बताया कि वह स्टूडेंट वीजा पर रूस गया था और पढ़ाई के साथ-साथ एक कूरियर कंपनी में पार्ट-टाइम नौकरी कर रहा था। युद्ध के बाद हालात बदले और उसे रूसी पुलिस ने झूठे मामले में फंसा दिया। साहिल के अनुसार, पुलिस ने उससे कहा कि यदि वह रूसी सेना में काम करने के लिए तैयार हो जाए, तो उस पर दर्ज केस खत्म कर दिया जाएगा।

15 दिन की ट्रेनिंग, फिर युद्ध क्षेत्र में तैनाती

साहिल ने बताया कि दबाव में आकर उसने यह शर्त मान ली। इसके बाद उसे करीब 15 दिनों की सैन्य ट्रेनिंग दी गई और फिर उसे यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए फ्रंटलाइन पर भेज दिया गया।
हालांकि, युद्ध क्षेत्र में पहुंचते ही साहिल ने अपनी जान बचाने के लिए यूक्रेनी सेना के सामने सरेंडर कर दिया।

यूक्रेनी सेना की गिरफ्त में छात्र

फिलहाल साहिल यूक्रेन में है और यूक्रेनी सेना की हिरासत में बताया जा रहा है। यूक्रेनी अधिकारियों ने साहिल का वीडियो साझा किया है, जिसमें वह भारत सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहा है। उसने यह भी कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हाल ही में भारत आए थे और भारत सरकार को उनसे बात कर उसकी घर वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए।

यूक्रेनी सेना ने साहिल के वीडियो उसकी मां को भी भेजे हैं और उनसे आग्रह किया है कि वे भारत में लोगों को रूसी सेना में भर्ती के धोखे के प्रति जागरूक करें।

मां ने अदालत का दरवाजा खटखटाया

साहिल की मां ने बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए दिल्ली की एक अदालत में याचिका दायर की है। इस मामले में अगली सुनवाई फरवरी में निर्धारित है।

भारत सरकार का रुख

इस बीच, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 5 दिसंबर को बयान जारी कर कहा था कि भारत सरकार रूसी सशस्त्र बलों में शामिल हुए भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए गंभीर प्रयास कर रही है और आगे किसी भी प्रकार की भर्ती से बचने की अपील कर रही है।

2022 से जारी है रूस-यूक्रेन युद्ध

गौरतलब है कि रूस ने वर्ष 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था, जिसे राष्ट्रपति पुतिन ने “विशेष सैन्य अभियान” बताया। इसके बाद यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू हुआ और रूस पर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए गए।

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