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रेलवे का मेगा प्रोजेक्ट: 1000 नौकरियां और आधुनिक मेंटेनेंस हब

भोपाल। नए साल की शुरुआत शहर के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आने वाली है। वंदे भारत ट्रेनों के लिए प्रस्तावित मेंटेनेंस हब प्रोजेक्ट से करीब 1000 युवाओं को रोजगार मिलने का रास्ता साफ हो गया है। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट भोपाल रेल मंडल के अंतर्गत तैयार किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत करीब 113 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

यह मेंटेनेंस हब खासतौर पर दिल्ली से भोपाल आने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के रैक की सफाई, तकनीकी जांच और खराबियों को दूर करने के लिए बनाया जाएगा। फिलहाल वंदे भारत ट्रेनों का बड़ा मेंटेनेंस कार्य दिल्ली और चेन्नई में किया जाता है, जबकि भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन वॉशिंग पिट में केवल सीमित सफाई का काम होता है।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

इस प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर जल्द ही भर्तियां निकाली जाएंगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, हाउसकीपिंग, टेक्निकल सपोर्ट और सुपरवाइजरी कैटेगरी में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि युवाओं को आधुनिक ट्रेन टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण भी मिलेगा।

एक साथ होगा तीन ट्रेनों का मेंटेनेंस

भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि मेंटेनेंस हब में प्रशिक्षित कर्मचारियों की एक समर्पित टीम तैनात रहेगी, जो कम समय में ट्रेनों को दोबारा परिचालन के लिए तैयार करेगी।
हब के शुरू होने के बाद तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का एक साथ मेंटेनेंस किया जा सकेगा। इससे ट्रेनों के ठहराव का समय कम होगा और परिचालन क्षमता में इजाफा होगा।

समय और संसाधनों की होगी बड़ी बचत

वर्तमान व्यवस्था में वंदे भारत के कोच का फुल मेंटेनेंस चेन्नई भेजा जाता है, जबकि इटारसी में केवल छोटे स्तर की मरम्मत होती है। भोपाल में मेंटेनेंस हब बनने से बड़ी तकनीकी खराबियों को भी स्थानीय स्तर पर ठीक किया जा सकेगा।

नवंबर 2024 में वंदे भारत के एक कोच की स्प्रिंग टूटने की वजह से ट्रेन को 17 घंटे तक मरम्मत में लगना पड़ा था। ऐसे मामलों में नया मेंटेनेंस हब समय और संसाधनों—दोनों की बचत करेगा।

तीन चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें कुल 3 से 4 साल का समय लग सकता है।

  • पहला चरण वर्ष 2026 तक पूरा करने की तैयारी है।

  • इसके बाद शेष चरणों में अत्याधुनिक उपकरण और अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।

हब के चालू होने के बाद देश की सबसे तेज और आधुनिक वंदे भारत ट्रेनों का नियमित और पूर्ण मेंटेनेंस भोपाल में ही संभव हो सकेगा।

भोपाल बनेगा रेलवे मेंटेनेंस का बड़ा केंद्र

इस परियोजना से भोपाल न केवल रेलवे के तकनीकी नक्शे पर मजबूत होगा, बल्कि मध्यप्रदेश में रोजगार और कौशल विकास का नया केंद्र भी बनेगा।

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