10 सेक्टर योजना के खिलाफ बैटरी ऑटो महासंघ का विरोध

इंदौर। इंदौर को 10 सेक्टरों में विभाजित करने के जिला प्रशासन, यातायात पुलिस और आरटीओ के हालिया निर्णय का इंदौर बैटरी ऑटो रिक्शा चालक महासंघ ने कड़ा विरोध किया है। महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार दोपहर 1:30 बजे नंदीग्राम स्थित मोती बाबा मंदिर परिसर में आयोजित की गई, जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बैटरी ऑटो रिक्शा संचालक शामिल हुए।
बैठक में महासंघ के संस्थापक एवं प्रतिनिधि राजेश बिड़कर मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान प्रशासन द्वारा इंदौर को 10 ट्रैफिक सेक्टरों में बांटने के प्रस्ताव पर गहन चर्चा हुई और सर्वसम्मति से इसे अव्यवहारिक बताते हुए खारिज कर दिया गया।
10 सेक्टर योजना का विरोध
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 10 सेक्टर में इंदौर को बांटने से यातायात व्यवस्था सुधरने के बजाय और अधिक बिगड़ेगी। महासंघ का कहना है कि यदि प्रत्येक सेक्टर में 1000 ऑटो रिक्शा संचालित किए जाएंगे, तो व्यस्ततम मार्गों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
राजेश बिड़कर ने कहा कि प्रशासन द्वारा यातायात नियमों के नाम पर केवल बैटरी ऑटो और सीएनजी ऑटो रिक्शा चालकों को ही टारगेट किया जा रहा है, जबकि सिटी बसों को पूरी छूट दी जा रही है, जो कि न्यायसंगत नहीं है।
प्रशासन को सौंपे जाएंगे 5 प्रमुख प्रस्ताव
बैठक में सभी ऑटो रिक्शा चालकों की सहमति से पांच अहम मांगों का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसे लिखित रूप में कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, यातायात पुलिस और आरटीओ को सौंपा जाएगा—
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पूरे इंदौर को पूरब और पश्चिम क्षेत्र के आधार पर विभाजित किया जाए, न कि 10 सेक्टरों में।
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जिन ऑटो चालकों के कागजात, बीमा और फिटनेस अधूरी है, उन्हें एक माह का समय दिया जाए, ताकि लगभग 6 हजार गरीब ऑटो चालक लीगल हो सकें।
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जिस प्रकार राजवाड़ा क्षेत्र में बैटरी और सीएनजी ऑटो पर प्रतिबंध है, उसी तरह सिटी बसों पर भी प्रतिबंध लगाया जाए, क्योंकि अधिक जाम की स्थिति सिटी बसों से बनती है।
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बैटरी ऑटो चालकों के लिए वर्दी का निर्धारण जल्द किया जाए, ताकि पहचान स्पष्ट हो।
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सिटी बस की तरह बैटरी ऑटो रिक्शा के लिए भी रूट और समय आधारित हिसाब-किताब की व्यवस्था लागू की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
महासंघ ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करेंगे। साथ ही आगे चलकर रैली, धरना, ज्ञापन और काम बंद हड़ताल जैसे कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
इस बैठक में श्याम कुशवाहा, मोहित यादव, आदित्य पवार सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा संचालक मौजूद रहे। प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर शासन को भेजने का निर्णय लिया गया।





