बांग्लादेश में चुनाव से पहले हिंसा तेज, बीएनपी नेता मोतालेब सिकदर को सिर में मारी गई गोली

नई दिल्ली। पड़ोसी देश बांग्लादेश एक बार फिर गंभीर राजनीतिक हिंसा की चपेट में आ गया है। कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश में फैली अशांति अभी थमी भी नहीं थी कि अब एक और सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस बार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता को सिर में गोली मारे जाने की खबर ने पूरे देश में तनाव और बढ़ा दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुलना डिविजन के बीएनपी प्रमुख मोतालेब सिकदर पर सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने बेहद नजदीक से फायरिंग की, जिसमें सिकदर के सिर के बाईं ओर गोली लगी। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश में जुटी हुई हैं।
हादी की हत्या के बाद बिगड़े हालात
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह इंकलाब मंच के प्रवक्ता और कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका समेत कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले थे। हादी भारत विरोधी बयानों और कट्टर विचारधारा के लिए जाना जाता था। साल 2024 में छात्र विद्रोह के दौरान वह राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बना था।
हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश के कई हिस्सों में आगजनी, पथराव और हिंसक झड़पों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब बीएनपी नेता पर हुए इस हमले ने साफ कर दिया है कि देश में राजनीतिक अस्थिरता गहराती जा रही है।
चुनाव से पहले बढ़ती हिंसा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हिंसा ऐसे समय पर हो रही है, जब बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के बाद पहली बार आम चुनाव की तैयारी चल रही है। देश में फरवरी 2026 में आम चुनाव प्रस्तावित हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच टकराव और हिंसा बढ़ती जा रही है।
चिंताजनक बात यह भी है कि हाल के महीनों में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
बीएनपी नेता मोतालेब सिकदर पर हुए हमले के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया है। वहीं, सरकार की ओर से दावा किया गया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
फिलहाल, बांग्लादेश में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।





