बांग्लादेश हिंसा पर बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान, हिंदुओं से एकजुट होने की अपील, कहा—आज वहां जल रहा हिंदू, कल आपकी बारी
बांग्लादेश हिंसा पर बाबा बागेश्वर का बड़ा बयान, हिंदुओं से एकजुट होने की अपील, कहा—आज वहां जल रहा हिंदू, कल आपकी बारी

भोपाल/मुंबई। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ हो रही हिंसा, हमलों और बर्बरता को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) ने कड़ा और भावुक बयान दिया है। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने न सिर्फ बांग्लादेश की स्थिति पर चिंता जताई, बल्कि भारत के हिंदुओं को भी एकजुट होने की चेतावनी दी।
बाबा बागेश्वर ने कहा कि आज जो हालात बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ देखने को मिल रहे हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“आज वहां एक हिंदू को जलाया गया है, कल आपकी भी बारी हो सकती है।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।
बांग्लादेश की स्थिति पर चिंता
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहा दुर्व्यवहार केवल किसी एक देश का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे सनातन समाज के लिए चेतावनी है। उन्होंने कहा कि जब समाज बंटा होता है, तब अत्याचार बढ़ते हैं। यदि हिंदू समाज अब भी संगठित नहीं हुआ, तो आने वाले समय में भारत में भी ऐसे हालात बन सकते हैं।
हाथ जोड़कर की भावुक अपील
अपने संबोधन के दौरान बाबा बागेश्वर भावुक नजर आए। उन्होंने हाथ जोड़कर माता-पिता से खास अपील की। उन्होंने कहा—
“मैं हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि आप अपने बच्चों को व्यापार और धन-दौलत दें या न दें, लेकिन उन्हें सनातन संस्कार जरूर दें।”
उन्होंने आगे कहा कि बिना संस्कारों के पीढ़ियां अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा नहीं कर पाएंगी। बच्चों में सनातन धर्म की शिक्षा देना माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
हिंदू राष्ट्र की आवश्यकता पर जोर
बाबा बागेश्वर ने एक बार फिर हिंदू राष्ट्र की आवश्यकता पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश जैसे उदाहरण यह बताते हैं कि जब बहुसंख्यक समाज भी बिखर जाता है, तो उसकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
उनके मुताबिक, सनातन धर्म की रक्षा के लिए अब केवल भावनाओं से नहीं, बल्कि संगठन और एकता से काम लेना होगा।
संदेश साफ: जागो और संगठित हो
अपने पूरे बयान में बाबा बागेश्वर का संदेश स्पष्ट था—
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हिंदू समाज को संगठित होना होगा
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बच्चों को संस्कार और धर्म की शिक्षा देनी होगी
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सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए जागरूक रहना होगा
उन्होंने कहा कि यह समय चुप रहने का नहीं, बल्कि अपनी पहचान और संस्कृति को बचाने के लिए खड़े होने का है।





