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जबलपुर में दिव्यांग महिला से अभद्रता का मामला तूल पकड़ा, वीडियो वायरल होते ही भाजपा जिला उपाध्यक्ष अंजू भार्गव को नोटिस

जबलपुर में दिव्यांग महिला से अभद्रता का मामला तूल पकड़ा, वीडियो वायरल होते ही भाजपा जिला उपाध्यक्ष अंजू भार्गव को नोटिस

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से सामने आए एक वायरल वीडियो ने राजनीतिक हलकों में जबरदस्त हलचल मचा दी है। वीडियो में भाजपा की जिला उपाध्यक्ष अंजू भार्गव पर एक दृष्टिबाधित (दिव्यांग) महिला के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे गंभीरता से लेते हुए अंजू भार्गव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

चर्च परिसर में हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार यह घटना करीब चार दिन पहले जबलपुर के गोरखपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि अंजू भार्गव एक चर्च परिसर में मौजूद थीं, जहां बच्चों के साथ एक दृष्टिबाधित महिला भी थी। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि बहस के दौरान भाजपा नेता ने महिला के साथ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया और हाथ पकड़कर झूमा-झटकी भी की।

वायरल वीडियो में गंभीर आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोप लगाया जा रहा है कि अंजू भार्गव ने दिव्यांग महिला से कहा कि वह इस जन्म में अंधी है और अगले जन्म में भी अंधी ही बनेगी। इसके साथ ही महिला के धार्मिक आचरण और बच्चों को चर्च लाने को लेकर भी कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। वीडियो में मौके पर पुलिस की मौजूदगी भी देखी जा सकती है, लेकिन विवाद काफी देर तक चलता रहा।

धर्मांतरण के आरोपों से जुड़ा मामला

हिंदू संगठनों का आरोप है कि हवाबाग कॉलेज से दृष्टिबाधित बच्चों को बिना अनुमति चर्च के कार्यक्रम में लाया गया था। संगठनों का कहना है कि बच्चों को खाने-पीने का लालच देकर चर्च लाया गया और उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा था। इन्हीं आरोपों को लेकर शनिवार को बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता चर्च पहुंचे और प्रदर्शन किया। इसी दौरान विवाद ने उग्र रूप ले लिया।

भाजपा ने जारी किया नोटिस

वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा महानगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने अंजू भार्गव को नोटिस जारी किया। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि पार्टी के जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। नोटिस में उनसे सात दिनों के भीतर पूरे घटनाक्रम पर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

कांग्रेस ने की कानूनी कार्रवाई की तैयारी

इस मामले को लेकर कांग्रेस भी हमलावर हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे अमानवीय कृत्य बताते हुए कहा है कि दिव्यांग महिला के सम्मान और अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वह इस मामले में कानूनी शिकायत दर्ज कराएगी और इसे राजनीतिक स्तर पर भी उठाएगी।

फिलहाल, यह मामला न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता से भी जुड़ गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने की संभावना है।

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