एशिया कप की निराशा के बाद ऐतिहासिक जवाब: वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में तूफानी शतक जड़कर सबको चौंकाया
एशिया कप की निराशा के बाद ऐतिहासिक जवाब: वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में तूफानी शतक जड़कर सबको चौंकाया

भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल गया है। महज 14 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को चौंका दिया। बिहार की ओर से खेलते हुए वैभव ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ सिर्फ 36 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह लिस्ट-ए क्रिकेट में किसी भारतीय बल्लेबाज़ का दूसरा सबसे तेज शतक है।
इस धमाकेदार पारी की खास बात यह रही कि यह प्रदर्शन अंडर-19 एशिया कप फाइनल में मिली निराशा के ठीक कुछ दिन बाद आया। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में वैभव का बल्ला नहीं चला था और वह 10 गेंदों में 26 रन बनाकर आउट हो गए थे। उस मैच में उनकी झुंझलाहट और पाकिस्तानी गेंदबाज़ अली रज़ा से हुई नोकझोंक को लेकर भी आलोचना हुई थी। लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में लगाया गया यह शतक उसी आलोचना का करारा जवाब साबित हुआ।
रांची में खेले गए इस मुकाबले में बिहार ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। पारी की शुरुआत से ही वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक रुख अपनाया और अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाज़ों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने हर तरफ शॉट्स लगाए और सिर्फ 36 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया।
वैभव यहीं नहीं रुके। उन्होंने कुल 84 गेंदों में 190 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 16 चौके और 15 छक्के निकले। उनका स्ट्राइक रेट 226.19 का रहा, जो लिस्ट-ए क्रिकेट में बेहद दुर्लभ है। इतनी कम उम्र में ऐसा संयम और आक्रामकता दिखाना उनकी असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है।
इस शतक के साथ वैभव सूर्यवंशी ने यूसुफ पठान का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। भारत की ओर से सबसे तेज लिस्ट-ए शतकों की सूची में अब वैभव दूसरे स्थान पर आ गए हैं। उनसे तेज शतक केवल अनमोलप्रीत सिंह ने लगाया है, जिन्होंने 2024 में पंजाब के लिए 35 गेंदों में शतक जड़ा था।
इतना ही नहीं, वैभव ने इस पारी में 15 छक्के लगाकर विजय हजारे ट्रॉफी की एक पारी में दूसरे सबसे ज्यादा छक्के लगाने के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2022 में नारायण जगदीशन ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ ही बनाया था।
विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों की घरेलू क्रिकेट में वापसी के बावजूद सारी सुर्खियां वैभव सूर्यवंशी के नाम रहीं। क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर उनका प्रदर्शन ऐसा ही जारी रहा, तो वह जल्द ही भारत की सीनियर टीम के दरवाजे पर जोरदार दस्तक देंगे। 14 साल की उम्र में यह आत्मविश्वास और क्षमता भारतीय क्रिकेट के भविष्य को बेहद उज्ज्वल संकेत देती है।





