ताजमहल मंदिर था या मकबरा? मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान से फिर गरमाई राजनीति, सियासी हलचल तेज

बीना (सागर), मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने बयान को लेकर सियासी चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इस बार उनका बयान देश के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक ताजमहल को लेकर है। बुधवार, 24 दिसंबर को सागर जिले के बीना में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने ताजमहल को मंदिर बताते हुए विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
स्वर्गीय राकेश सिरोठिया की स्मृति में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के शुभारंभ अवसर पर मंच से संबोधित करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि “ताजमहल पहले मंदिर के रूप में बनाया जा रहा था, जिसे बाद में शाहजहां ने मुमताज का मकबरा बना दिया।” उन्होंने यह भी दावा किया कि शाहजहां ने पहले मुमताज को बुरहानपुर में दफनाया था और बाद में जहां मंदिर निर्माण हो रहा था, वहीं शव को दफनाकर ताजमहल का निर्माण कराया गया।
मंत्री का यह बयान सामने आते ही राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इसे इतिहास से छेड़छाड़ और समाज को बांटने वाला बयान बताया है, वहीं भाजपा समर्थक इसे व्यक्तिगत विचार बता रहे हैं।
बिहारियों को लेकर टिप्पणी भी चर्चा में
अपने संबोधन के दौरान कैलाश विजयवर्गीय यहीं नहीं रुके। उन्होंने बिहारियों को लेकर भी टिप्पणी की, जिसे लेकर भी अलग बहस छिड़ गई। मंत्री ने कहा, “यूँ तो बिहारी विनम्र नहीं होते, लेकिन हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नवीन नितिन विनम्र हैं।” इस बयान को लेकर भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
इसके साथ ही उन्होंने बीना विधायक निर्मला सप्रे का जिक्र करते हुए कहा कि वे पहले कांग्रेस से चुनाव लड़ी थीं, लेकिन अब भाजपा के साथ हैं। इस टिप्पणी को राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
राकेश सिरोठिया को दी श्रद्धांजलि
हालांकि विवादित बयानों के बीच मंत्री विजयवर्गीय ने क्रिकेट टूर्नामेंट के मूल उद्देश्य पर भी बात की। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का संदेश दिया। स्वर्गीय राकेश सिरोठिया को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे हमेशा मुस्कुराते रहते थे और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते थे। उन्होंने युवाओं को खेलों से जोड़ने के प्रयास को सराहनीय बताया।
कार्यक्रम में ये नेता रहे मौजूद
इस आयोजन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें पूर्व जिला अध्यक्ष गौरव सिरोठिया, जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी, विधायक शैलेन्द्र जैन, विधायक निर्मला सप्रे, पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे, डॉ. विनोद पंथी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, खिलाड़ी और खेल प्रेमी शामिल हुए।
कुल मिलाकर, क्रिकेट टूर्नामेंट का मंच खेल भावना के साथ-साथ एक बार फिर राजनीतिक और ऐतिहासिक विवाद का केंद्र बन गया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान पर आने वाले दिनों में सियासत और गरमाने के आसार हैं।





