इंदौर की पॉश सिलिकॉन सिटी में 15 लाख की चोरी का खुलासा, बंटी-बबली स्टाइल में वारदात करने वाला प्रेमी जोड़ा गिरफ्तार

इंदौर की पॉश कॉलोनी सिलिकॉन सिटी में हुई करीब 15 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक प्रेमी जोड़े को गिरफ्तार किया है, जिसने फिल्म बंटी-बबली की तर्ज पर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से ज्वेलरी शॉप को निशाना बनाया, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।
👮♂️ डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने किया बड़ा खुलासा
चोरी के इस मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में प्रियांशु और उसकी महिला मित्र शामिल हैं। आरोपी प्रियांशु इंदौर स्थित TCS कंपनी में ग्राफिक डिजाइनर के रूप में कार्यरत था, लेकिन हाल ही में उसकी नौकरी छूट गई थी।
डीसीपी के मुताबिक, आर्थिक तंगी और भविष्य की अनिश्चितता के चलते आरोपी ने चोरी की योजना बनाई।
📚 कक्षा 6 से साथ पढ़े, प्यार में बने अपराधी
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कक्षा 6 से एक-दूसरे को जानते थे और लंबे समय से रिश्ते में थे। दोनों ने मिलकर यह तय किया कि जल्दी पैसा कमाने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाए।
उन्होंने इंदौर की पॉश कॉलोनी सिलिकॉन सिटी स्थित ‘श्री ज्वेलर्स’ को टारगेट किया और करीब एक हफ्ते तक दुकान की रेकी की।
💍 15 लाख के जेवर चोरी कर सराफा में बेचने की थी तैयारी
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दुकान से करीब 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी किए थे। उनकी योजना थी कि इन जेवरों को इंदौर के सराफा बाजार में बेचकर मोटी रकम हासिल की जाए।
हालांकि, जेवर बेचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें बच्चा सम… (सूत्रों के अनुसार संदिग्ध गतिविधि के आधार पर) पकड़ लिया और पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया।
🚓 पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी वारदात
डीसीपी लालचंदानी ने बताया कि चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने चोरी किए गए अधिकांश जेवर भी बरामद कर लिए हैं।
⚖️ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इससे पहले उन्होंने ऐसी कोई और वारदात तो नहीं की। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि आर्थिक दबाव और गलत फैसले किस तरह पढ़े-लिखे युवाओं को अपराध की राह पर ले जा सकते हैं।





