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उदयपुर रेप केस: आईटी कंपनी के CEO की बर्थडे पार्टी बनी महिला मैनेजर के लिए खौफनाक रात, गैंगरेप के गंभीर आरोप

राजस्थान के उदयपुर से सामने आया आईटी कंपनी CEO से जुड़ा रेप केस न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि कॉरपोरेट कल्चर और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एक शानदार बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी के कुछ ही घंटों बाद एक महिला मैनेजर की जिंदगी अंधेरे में धकेल दी गई। इस सनसनीखेज मामले में आईटी कंपनी GKM IT प्राइवेट लिमिटेड के CEO जितेश सिसोदिया उर्फ जयेश और शिल्पा सिरोही सहित सिरोही दंपति को नामजद किया गया है।

कैसे शुरू हुई वह रात?

घटना 20 दिसंबर 2025 की है। उदयपुर के एक नामी होटल में आईटी कंपनी के कर्मचारियों के लिए बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी का आयोजन किया गया था। पार्टी में कंपनी के कई कर्मचारी शामिल थे। माहौल सामान्य था, लेकिन पार्टी खत्म होने के बाद हालात तेजी से बदल गए।

पार्टी समाप्त होने के बाद पीड़िता, जो कंपनी में महिला मैनेजर के पद पर कार्यरत है, घर लौटना चाहती थी। इसी दौरान कंपनी की महिला एग्जीक्यूटिव हेड शिल्पा सिरोही ने उसे ‘आफ्टर पार्टी’ में शामिल होने के लिए राजी किया।

आफ्टर पार्टी या साजिश?

पीड़िता के मुताबिक, आफ्टर पार्टी के दौरान उसे स्मोकिंग सामग्री दी गई, जिसमें संभवतः कोई नशीला पदार्थ मिला हुआ था। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह बेहोशी की हालत में चली गई।

पुलिस जांच में इस बात की पड़ताल की जा रही है कि नशा जानबूझकर दिया गया या नहीं, और इसमें कौन-कौन शामिल था।

वो सवा तीन घंटे: जब कार घूमती रही शहर में

पुलिस के अनुसार, पूरी वारदात रात करीब 1:45 बजे से सुबह 5 बजे के बीच हुई। इस दौरान एक कार उदयपुर शहर में घूमती रही। पीड़िता बेहोशी की हालत में थी, हालांकि बीच-बीच में उसे होश आता-जाता रहा।

इसी दौरान पीड़िता के साथ गैंगरेप किए जाने का आरोप लगाया गया है। यह पहलू इस मामले को और भी गंभीर बना देता है।

तीन दिन बाद क्यों दर्ज हुआ मामला?

घटना के बाद पीड़िता मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद परेशान थी। उसने 23 दिसंबर को उदयपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए।

पुलिस का कहना है कि देरी के बावजूद पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, कॉल डिटेल्स, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

CEO और कंपनी पर उठे सवाल

इस मामले में आरोपी बनाए गए जितेश सिसोदिया खुद को एक सफल आईटी उद्यमी बताते हैं। उनकी कंपनी GKM IT प्राइवेट लिमिटेड खुद को महिला-अनुकूल और प्रोफेशनल वर्क कल्चर वाली कंपनी के रूप में प्रचारित करती रही है।

लेकिन इस घटना के सामने आने के बाद कंपनी की छवि को गहरा झटका लगा है। सवाल उठ रहे हैं कि—

  • क्या कंपनी के भीतर सुरक्षित कार्य वातावरण था?

  • क्या महिलाओं के लिए आंतरिक शिकायत तंत्र प्रभावी था?

  • क्या पावर पोजिशन का दुरुपयोग किया गया?

पुलिस जांच में क्या-क्या शामिल?

उदयपुर पुलिस इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच कर रही है:

  • नशीले पदार्थ की पुष्टि के लिए फॉरेंसिक जांच

  • होटल और शहर के CCTV फुटेज

  • आरोपियों और पीड़िता की लोकेशन हिस्ट्री

  • मोबाइल कॉल, चैट और डिजिटल सबूत

  • पार्टी में मौजूद अन्य कर्मचारियों के बयान

पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

समाज और सिस्टम के लिए चेतावनी

यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि कॉरपोरेट पार्टियों, पावर डायनेमिक्स और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी है। यह दिखाता है कि प्रतिष्ठित पद, बड़ा ओहदा या चमकदार इवेंट किसी के चरित्र की गारंटी नहीं होते।

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