मध्यप्रदेश कांग्रेस में मचा घमासान, मीडिया सेल अध्यक्ष मुकेश नायक का इस्तीफा, पुराने चेहरों को हटाने की मांग बनी वजह

Bhopal Congress News: मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन में एक बार फिर अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश नायक ने अपने पद से इस्तीफा देकर सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। हालांकि, उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को सौंपा, लेकिन फिलहाल इस इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, मुकेश नायक का इस्तीफा संगठनात्मक बैठकों में उनके विचारों को नजरअंदाज किए जाने से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई कांग्रेस की एक अहम बैठक में मुकेश नायक ने पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए पुराने और निष्क्रिय चेहरों को हटाकर नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका देने की बात कही थी। उनका मानना था कि लंबे समय से एक ही पदों पर जमे लोगों के कारण पार्टी का विस्तार और जनसंपर्क प्रभावित हो रहा है।
बैठक में नहीं मिली बातों को तवज्जो
सूत्र बताते हैं कि मुकेश नायक की इस राय को पार्टी की कार्यकारिणी में अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। उनके सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे वे खुद को उपेक्षित महसूस करने लगे। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया और यह इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेज दिया।
हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व इस मामले को अभी शांत रखने की कोशिश कर रहा है। जीतू पटवारी ने मुकेश नायक का इस्तीफा फिलहाल अस्वीकार कर दिया है और उनसे संगठन हित में पुनर्विचार करने को कहा गया है।
कांग्रेस में अंदरूनी असंतोष के संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस संगठन में चल रही अंदरूनी असहमति और नेतृत्व को लेकर असंतोष का संकेत देता है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस लगातार संगठनात्मक बदलावों की बात कर रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसे लागू करने को लेकर मतभेद साफ नजर आने लगे हैं।
मुकेश नायक का मीडिया सेल प्रमुख होना पार्टी के लिए अहम पद माना जाता है, क्योंकि मीडिया के जरिए ही पार्टी अपनी बात जनता तक पहुंचाती है। ऐसे में उनके इस्तीफे की खबर ने कांग्रेस के भीतर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगे क्या होगा?
फिलहाल, कांग्रेस नेतृत्व मुकेश नायक को मनाने की कोशिश में जुटा है। माना जा रहा है कि पार्टी नहीं चाहती कि इस इस्तीफे से कोई बड़ा राजनीतिक संदेश बाहर जाए। वहीं, यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में क्या मुकेश नायक अपने फैसले पर कायम रहते हैं या पार्टी नेतृत्व के साथ किसी सहमति पर पहुंचते हैं।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि अगर संगठन में नए चेहरों को जगह देने की मांग को अनदेखा किया गया, तो आने वाले समय में कांग्रेस को और ऐसे विरोध या इस्तीफों का सामना करना पड़ सकता है।





