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इंदौर में बांग्लादेशी नागरिक होने का शक, 17 लोगों के खिलाफ जांच तेज, डिपोर्टेशन संभव

Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में संदिग्ध नागरिकता को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। रविवार रात भाजपा कार्यकर्ताओं ने मल्हारगंज क्षेत्र से 17 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया। इन लोगों पर बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रहने और बांग्लादेशी नागरिक होने का संदेह जताया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है।

SIR सर्वे के दौरान आए संदेह

जानकारी के अनुसार, ये सभी लोग हाल ही में हुए SIR सर्वे के दौरान चिन्हित किए गए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि ये लोग लंबे समय से मल्हारगंज इलाके में रह रहे थे और उनकी गतिविधियां संदिग्ध थीं। स्थानीय लोगों से मिले इनपुट और ताजा जानकारी के आधार पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने इन्हें रोका और पुलिस को सूचना दी।

भाजपा नेताओं ने की जांच की मांग

भाजपा लक्ष्मीबाई मंडल के अध्यक्ष चंदन सिंह बैस ने बताया कि इन लोगों की गतिविधियों पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी। उन्होंने कहा कि इनके व्यवहार और रहन-सहन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। भाजपा नेताओं ने पुलिस से मांग की है कि अगर जांच में इनकी बांग्लादेशी नागरिकता की पुष्टि होती है, तो इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

पुलिस कर रही दस्तावेजों का सत्यापन

डीसीपी (जोन-1) कृष्णन लालचंदानी ने बताया कि पुलिस ने सभी 17 लोगों के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। इन लोगों ने खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताया है, इसलिए वहां बताए गए पते और पहचान से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

अवैध पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि ये लोग अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं, तो विदेशी अधिनियम के तहत कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इसमें हिरासत, केस दर्ज करना और आवश्यकता पड़ने पर डिपोर्टेशन भी शामिल हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी तरह निष्पक्ष और कानूनी जांच की जाएगी।

प्रशासन की सतर्कता और कानून का पालन

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मामले में कानून और मानवाधिकारों का पालन किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करना है, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो। फिलहाल सभी 17 लोग पुलिस की निगरानी में हैं और जांच जारी है।

शहर में बढ़ी चर्चा

इस घटना के बाद इंदौर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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