इंदौर मतदान केंद्र पुनर्गठन: शहर में 2316, गांव में 904 बूथ
इंदौर मतदान केंद्र पुनर्गठन के बाद जिले की नई चुनावी तस्वीर सामने आ गई है। इंदौर मतदान केंद्र पुनर्गठन प्रक्रिया में कुल 3210 बूथों का अंतिम निर्धारण किया गया है। दरअसल विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर यह बदलाव लागू हुआ है। अब प्रशासन का दावा है कि मतदाताओं को घर के पास ही सुविधाजनक मतदान केंद्र मिलेगा।
जिले के 1443 भवनों में ये सभी मतदान केंद्र संचालित होंगे। वहीं 248 नए सरकारी और निजी भवन भी इस बार जोड़े गए हैं।
इंदौर मतदान केंद्र पुनर्गठन में शहरी इलाकों को प्राथमिकता
इंदौर मतदान केंद्र पुनर्गठन के आंकड़े बताते हैं कि शहरी क्षेत्रों में बूथों का घनत्व ज्यादा रखा गया है। कुल 3210 केंद्रों में से 2316 केंद्र शहर में बनाए गए हैं। ये 1045 भवनों में संचालित होंगे।
दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में 904 मतदान केंद्र तय किए गए हैं। ये 398 भवनों में संचालित होंगे।
हालांकि दोनों क्षेत्रों में संतुलन रखने का प्रयास किया गया है। प्रशासन का कहना है कि भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर बूथ तय किए गए हैं।
मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
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शहरी क्षेत्र: 2316 केंद्र
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ग्रामीण क्षेत्र: 904 केंद्र
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कुल भवन: 1443
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नए भवन शामिल: 248
एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1600 मतदाताओं की सीमा तय की गई है। यह भीड़ नियंत्रण के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
एक छत के नीचे कई बूथ, 20 भवन बड़े केंद्र
इसी बीच प्रशासनिक सर्वे में सामने आया कि 633 भवन ऐसे हैं जहां एक से अधिक बूथ संचालित होंगे।
इनमें:
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188 भवनों में दो बूथ
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185 भवनों में तीन बूथ
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137 भवनों में चार बूथ
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60 भवनों में पांच बूथ
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20 भवनों में छह से अधिक बूथ
अब सवाल यह है कि क्या इससे मतदान प्रक्रिया तेज होगी? अधिकारियों का कहना है कि बड़े स्कूल और कॉलेज परिसरों में मल्टी-बूथ व्यवस्था से लाइन कम लगेगी।
डेटा के अनुसार, 20 भवन ऐसे हैं जहां 6 से ज्यादा मतदान केंद्र एक साथ संचालित होंगे। यह जिले के सबसे बड़े मतदान परिसर होंगे।
मतदाता संख्या का संतुलन, 300 से कम कहीं नहीं
इंदौर मतदान केंद्र पुनर्गठन में मतदाताओं की संख्या का विशेष ध्यान रखा गया है। जिले में 3126 केंद्र ऐसे हैं जहां 301 से 1100 के बीच मतदाता दर्ज हैं।
इसके अलावा 75 केंद्रों पर 1101 से 1200 मतदाता हैं। वहीं 6 केंद्र ऐसे हैं जहां 1301 से 1500 मतदाता सूचीबद्ध हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य:
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300 से कम मतदाता वाला एक भी केंद्र नहीं
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1600 मतदाताओं की अधिकतम सीमा
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3126 केंद्र मध्यम घनत्व श्रेणी में
दरअसल यह संतुलन भीड़ प्रबंधन और सुचारु मतदान के लिए जरूरी माना गया है।
इससे पहले भी जिले में मतदान व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने सुधार किए थे। इस मामले में विस्तृत अपडेट देखें…
स्रोत:- https://eci.gov.in





