Indore Excise Record: 2100 Crore Se Zyada Rajsva, Sabhi 173 Dukaane Nilaam
इंदौर में Indore Excise Record के तहत आबकारी विभाग ने नया इतिहास बनाया है। वर्ष 2026-27 के लिए मदिरा दुकानों की ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले को 2184.76 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है। यह इंदौर के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा राजस्व है।
Indore Excise Record के दौरान जिले की सभी 173 दुकानों का शत-प्रतिशत निपटान किया गया। पूरी प्रक्रिया कलेक्टर Shivam Verma के मार्गदर्शन में पूरी हुई। इसमें कुल 77 समूह शामिल थे, जिनमें 47 समूह और 30 एकल दुकानें शामिल थीं।
Indore Excise Record में कितनी हुई बढ़ोतरी
पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 1752.02 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था। इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 2184.76 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
- पिछले साल का राजस्व 1752.02 करोड़ रुपए था
- इस बार 2184.76 करोड़ रुपए का राजस्व मिला
- कुल 432.73 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई
- यह बढ़ोतरी 24.70 प्रतिशत रही
2184.76−1752.02=432.742184.76 – 1752.02 = 432.742184.76−1752.02=432.74
यह बढ़ोतरी बताती है कि आबकारी विभाग ने इस बार लक्ष्य से कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया है।
लक्ष्य से भी ज्यादा राजस्व मिला
Indore Excise Record के तहत विभाग ने तय लक्ष्य 2102.42 करोड़ रुपए से भी ज्यादा राजस्व प्राप्त किया। विभाग को लक्ष्य से 82.33 करोड़ रुपए अधिक मिले।
- तय लक्ष्य 2102.42 करोड़ रुपए था
- वास्तविक राजस्व 2184.76 करोड़ रुपए रहा
- विभाग को 82.33 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिले
- सभी 173 दुकानों का निपटान हुआ
यह जानकारी दिखाती है कि इंदौर जिले ने राजस्व प्राप्ति में पूरे प्रदेश में अग्रणी प्रदर्शन किया है।
कई समूहों में दर्ज हुई बड़ी बढ़ोतरी
कई समूहों में इस बार बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। खासकर रेवती समूह में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली।
- स्कीम नंबर 54 समूह में 36.34 प्रतिशत वृद्धि हुई
- एमआईजी समूह में 36 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई
- एमआर-9 समूह में 38.54 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई
- चंद्रगुप्त चौराहा एमआर-10 में 37.13 प्रतिशत वृद्धि हुई
- मांगलिया समूह में 25.94 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज हुई
रेवती समूह में 20.98 करोड़ रुपए के मुकाबले 32.10 करोड़ रुपए का ऑफर मिला। यह लगभग 83.54 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
32.10>20.9832.10 > 20.9832.10>20.98
यह इस साल की सबसे बड़ी वृद्धि वाले समूहों में शामिल रहा।
Collector Shivam Verma ने क्या कहा
Shivam Verma ने कहा कि मुख्यमंत्री Mohan Yadav के सुशासन और पारदर्शिता के विजन के तहत पूरी प्रक्रिया ई-टेंडर और ई-टेंडर कम ऑक्शन से पूरी की गई।
उन्होंने कहा कि चरणबद्ध रणनीति, सतत मॉनिटरिंग और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल की वजह से सभी दुकानों का शत-प्रतिशत निपटान हो सका। प्रदेश के अन्य जिलों में जहां अभी भी राजस्व बाकी है, वहीं इंदौर ने लक्ष्य से ज्यादा राजस्व जुटाया है।

