Malwa Utsav Indore: ‘म्हारो मालवा’ प्रस्तुति में देशभर की लोक संस्कृति का संगम

Dainik R Times
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Folk artists performing during Malwa Utsav in Indore

Malwa Utsav Indore: बरेदी, गणगौर और गुडूम बाजा ने बांधा समां, 250 कलाकारों ने दी प्रस्तुति

Indore में आयोजित मालवा उत्सव के रजत जयंती वर्ष में सोमवार को “म्हारो मालवा” की भव्य प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। देशभर से आए करीब 250 लोक कलाकारों ने एक मंच पर भारत की विविध लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक पेश की।

कार्यक्रम में बरेदी, गणगौर, गुडूम बाजा, गरबा और दक्षिण भारत के पारंपरिक लोक नृत्यों ने खास आकर्षण पैदा किया। मंच पर रंग-बिरंगे परिधानों और लोक संगीत की गूंज के बीच दर्शकों में उत्साह दिखाई दिया।

25 राज्यों की लोक संस्कृति एक मंच पर

Shankar Lalwani ने बताया कि मालवा उत्सव का यह 25वां वर्ष है। उन्होंने कहा कि “म्हारो मालवा” प्रस्तुति के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर लाया गया।

कार्यक्रम में:

  • मध्यप्रदेश
  • गुजरात
  • पंजाब
  • कश्मीर
  • महाराष्ट्र
  • तेलंगाना
  • कर्नाटक
  • केरल
  • तमिलनाडु
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल
  • मणिपुर
  • सिक्किम

सहित कई राज्यों के कलाकारों ने प्रस्तुति दी।

उन्होंने बताया कि यह आयोजन नगर निगम और संस्कृति संचालनालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

बरेदी और गुडूम बाजा ने जीता दिल

मालवा उत्सव में सागर से आई टीम ने भगवान श्रीकृष्ण की आराधना से जुड़ा बरेदी नृत्य प्रस्तुत किया। कलाकारों ने मंच पर कई पिरामिड बनाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

वहीं डिंडोरी जिले के आदिवासी कलाकारों ने गुडूम बाजा नृत्य पेश किया। पारंपरिक वेशभूषा और ढोल की धुनों के साथ कलाकारों ने आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाई।

इसके अलावा निमाड़ क्षेत्र का प्रसिद्ध गणगौर नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहा।

डाक विभाग ने जारी किया विशेष डाक कवर

India Post ने मालवा उत्सव के 25 वर्ष पूरे होने पर विशेष डाक कवर जारी किया।

इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, महापौर Pushyamitra Bhargav और डाक विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

आयोजकों ने बताया कि यह डाक कवर देशभर के संग्रहालयों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों में भी उपयोग किया जाएगा।

दक्षिण भारत के लोक नृत्यों ने भी बिखेरा रंग

कार्यक्रम में कर्नाटक के कलाकारों ने भगवान शिव की आराधना से जुड़ा पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया।

वहीं केरल के कलाकारों ने प्रसिद्ध तिरूवतिरा नृत्य पेश किया। कलाकारों ने पारंपरिक कसवु साड़ी पहनकर गोलाकार प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

इसके अलावा स्थानीय कलाकारों ने भी शास्त्रीय और लोक प्रस्तुतियां दीं।

12 मई को होगा मालवा उत्सव का समापन

आयोजकों के मुताबिक 12 मई को मालवा उत्सव का अंतिम दिन रहेगा।

अंतिम दिन:

  • गरबा
  • गुडूम बाजा
  • नौरता
  • तमेटागुल्लु
  • वीजुकंसाले

जैसी प्रस्तुतियां होंगी। वहीं शिल्प मेले का आयोजन भी जारी रहेगा।

Official Source: Indore Municipal Corporation

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