Bhojshala Verdict 2026: हाईकोर्ट ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना

Dainik R Times
4 Min Read
Bhojshala Verdict 2026 MP High Court Dhar Vagdevi Temple Decision

Bhojshala Verdict 2026: धार भोजशाला पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Bhojshala Verdict 2026 में बड़ा फैसला

Bhojshala Verdict 2026 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। अदालत ने इसे संरक्षित धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल बताया। फैसले के बाद धार और इंदौर में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

शुक्रवार को फैसला आने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आया। वहीं पुलिस और RAF की टीमें लगातार गश्त करती रहीं। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

Bhojshala Verdict 2026 में हाईकोर्ट ने क्या कहा

हाईकोर्ट ने ASI के वर्ष 2003 के आदेश को रद्द कर दिया। इसी आदेश के तहत मुस्लिम पक्ष को जुमे की नमाज की अनुमति दी गई थी।

फैसले में यह भी कहा गया कि भोजशाला का प्रबंधन ASI के पास रहेगा। साथ ही केंद्र सरकार और ASI आगे की व्यवस्था तय करेंगे।

इसके अलावा अदालत ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए अलग जमीन मांगने का विकल्प दिया। हालांकि परिसर का नियंत्रण ASI के पास ही रहेगा।

Bhojshala Verdict 2026 पर हिंदू पक्ष के तर्क

हिंदू पक्ष ने कहा कि भोजशाला मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर है। वकीलों ने ASI सर्वे, शिलालेख और पुराने दस्तावेज कोर्ट में पेश किए।

अधिवक्ताओं के अनुसार यह संरक्षित स्मारक है। इसलिए Places of Worship Act यहां लागू नहीं होता।

सुनवाई के दौरान अयोध्या फैसले का भी हवाला दिया गया। वहीं हिंदू पक्ष ने नियमित पूजा-अर्चना की मांग रखी।

Bhojshala Verdict 2026 में मुस्लिम पक्ष ने क्या कहा

मुस्लिम पक्ष ने ASI सर्वे रिपोर्ट पर सवाल उठाए। वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि सर्वे की तस्वीरें और वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं थीं।

दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष ने कहा कि भोजशाला लंबे समय से कमाल मौला मस्जिद के रूप में उपयोग होती रही है। इसके अलावा धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को बताया गया।

हालांकि हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।

Bhojshala Verdict 2026 के बाद धार में बढ़ी सुरक्षा

फैसले को देखते हुए धार में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जिलेभर से करीब 1200 पुलिसकर्मियों को बुलाया गया।

संवेदनशील इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च किया गया। वहीं भोजशाला परिसर के बाहर बैरिकेडिंग भी की गई।

इसके बाद RAF और रिजर्व पुलिस बल को भी अलर्ट पर रखा गया। फिलहाल प्रशासन पूरे इलाके की निगरानी कर रहा है।

2022 से चल रही थी कानूनी लड़ाई

यह मामला साल 2022 में हाईकोर्ट पहुंचा था। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने याचिका दायर की थी।

याचिका में भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने की मांग की गई थी। साथ ही नियमित पूजा-अर्चना का अधिकार भी मांगा गया था।

इसके बाद ASI ने 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वे किया। वहीं जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने वसंत पंचमी पर पूजा की अनुमति दी थी।

फैसले के बाद खुशी का माहौल

फैसले के बाद भोजशाला परिसर के बाहर लोगों ने मिठाइयां बांटी। कई लोगों ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया।

दूसरी तरफ जुमे की नमाज के लिए मुस्लिम समाज के लोग कड़ी सुरक्षा के बीच परिसर पहुंचे। पूरे दिन प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रहा।

Share This Article
Leave a comment