Bhojshala Verdict Celebration Indore: महू नाका पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न

Dainik R Times
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Bhojshala Verdict Celebration Indore at Mhow Naka Chowk with supporters and fireworks

Bhojshala Verdict Celebration Indore: भोजशाला फैसले के बाद इंदौर में जश्न

Bhojshala Verdict Celebration Indore में दिखा उत्साह

Bhojshala Verdict Celebration Indore के बाद इंदौर के महू नाका चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। धार भोजशाला मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर पहुंचे।

फैसले में भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माने जाने पर लोगों ने खुशी जताई। वहीं महू नाका क्षेत्र में मिठाइयां बांटी गईं। इसके साथ ही आतिशबाजी भी की गई।

महू नाका चौराहे पर जुटे समर्थक

महू नाका चौराहे पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ नजर आई। इस दौरान “हर हर महादेव” और “जय श्री राम” के जयकारे लगाए गए।

इसके अलावा भाजपा कार्यकर्ताओं ने फैसले को ऐतिहासिक बताया। कई लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई भी दी।

दूसरी ओर पुलिस प्रशासन भी इलाके में नजर बनाए रहा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

मालिनी गौड़ ने क्या कहा

विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि यह फैसला करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था से जुड़ा है। उनके अनुसार भोजशाला मामले में आया निर्णय ऐतिहासिक है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में मथुरा और काशी जैसे मामलों में भी सत्य सामने आएगा। हालांकि उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की।

मां वाग्देवी की प्रतिमा पर कही बड़ी बात

मालिनी गौड़ ने कहा कि इंग्लैंड में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने का प्रयास किया जाएगा।

इसके अलावा उन्होंने धार में भव्य मंदिर निर्माण की बात भी कही। वहीं कार्यकर्ताओं ने फैसले को सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा बड़ा निर्णय बताया।

Bhojshala Verdict Celebration Indore के दौरान सुरक्षा रही सख्त

कार्यक्रम के दौरान भारी उत्साह देखने को मिला। दूसरी तरफ पुलिस और प्रशासन भी पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए थे।

प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा नहीं करने की अपील की। साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई।

Bhojshala Verdict 2026 क्या है

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। अदालत ने ASI के वर्ष 2003 के आदेश को भी रद्द कर दिया।

इसके अलावा कोर्ट ने परिसर का प्रबंधन ASI के पास रखने के निर्देश दिए हैं। फैसले के बाद पूरे प्रदेश में चर्चा तेज हो गई है।

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