Indore Nagar Nigam Corruption को लेकर शहर की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। कांग्रेस नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे (Chintu Chouksey) ने नगर निगम प्रशासन और महापौर परिषद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम में करोड़ों रुपये के घोटाले हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।
Indore Nagar Nigam Corruption पर Chintu Chouksey के गंभीर आरोप
दरअसल, प्रेस वार्ता के दौरान चिंटू चौकसे ने कहा कि वर्तमान महापौर के कार्यकाल में शहर की मूलभूत व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने सड़क, जल आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में कई महत्वपूर्ण फाइलों पर देर रात काम किया जाता है। उनके अनुसार रात 10 बजे से सुबह 3 बजे के बीच फाइलों में हेरफेर होती है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
Indore Nagar Nigam Corruption मामले में 370 संपत्तियों का भी जिक्र
चौकसे ने दावा किया कि नगर निगम में 370 संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर जैसे देश के सबसे स्वच्छ शहर की छवि लगातार प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि प्रशासन को पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की भी मांग रखी।
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
चिंटू चौकसे ने कहा कि यदि आरोपों की जांच में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नगर निगम की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग दोहराई।
हालांकि, इस मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कांग्रेस ने उठाए कई सवाल
कांग्रेस नेता का कहना है कि नगर निगम में वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से रिकॉर्ड सार्वजनिक करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
वहीं राजनीतिक हलकों में इस बयान के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर नगर निगम प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की अगली प्रतिक्रिया पर बनी हुई है।

