AI Wildlife Monitoring को लेकर मध्य प्रदेश के वन विभाग में नई तकनीक अपनाने की तैयारी की खबर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार भोपाल वन वृत्त के अंतर्गत कुछ वन क्षेत्रों में कैमरों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बाघों और अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने की योजना पर काम किया जा रहा है।
हालांकि, इंदौर के रालामंडल अभयारण्य में फिलहाल इस तकनीक को लागू करने की आवश्यकता नहीं मानी जा रही है।
AI Wildlife Monitoring पर इंदौर DFO ने क्या कहा?
इंदौर के डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) लाल सुधाकर सिंह ने बताया कि रालामंडल अभयारण्य में बाघ या अन्य बड़े मांसाहारी वन्यजीवों की संख्या सीमित है। इसलिए, वर्तमान परिस्थितियों में AI आधारित निगरानी प्रणाली की जरूरत महसूस नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में परिस्थितियां बदलती हैं तो विभाग आवश्यक तकनीकी उपायों पर विचार करेगा।
रिहायशी इलाकों में तेंदुए की गतिविधियों पर रहती है नजर
DFO ने बताया कि जुलाई के शुरुआती दिनों में इंदौर के कुछ रिहायशी क्षेत्रों में तेंदुए की गतिविधि देखी गई थी। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि यदि वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ती है तो आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए वन विभाग आवश्यक कदम उठाएगा।
वन विभाग लगातार कर रहा निगरानी
DFO के अनुसार वन विभाग और रालामंडल अभयारण्य की संयुक्त टीम वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखती है।
वहीं, किसी भी क्षेत्र से जंगली जानवर दिखाई देने की सूचना मिलने पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जाता है और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।
AI Wildlife Monitoring क्यों महत्वपूर्ण है?
AI Wildlife Monitoring से कैमरों के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों का तेजी से विश्लेषण किया जा सकता है। इससे बाघ, तेंदुए और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी रखने, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने तथा वन प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
कुल मिलाकर, भोपाल क्षेत्र में AI तकनीक अपनाने की तैयारी के बीच इंदौर वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि रालामंडल अभयारण्य में फिलहाल इसकी आवश्यकता नहीं है, लेकिन भविष्य की परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
FAQ
AI Wildlife Monitoring क्या है?
यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक है, जिसके जरिए कैमरों से वन्यजीवों की गतिविधियों की निगरानी की जाती है।
क्या इंदौर में AI तकनीक लागू होगी?
DFO के अनुसार फिलहाल रालामंडल अभयारण्य में इसकी आवश्यकता नहीं है।
AI तकनीक का उपयोग कहां प्रस्तावित है?
सूत्रों के अनुसार भोपाल वन वृत्त के कुछ क्षेत्रों में इस दिशा में तैयारी की जा रही है।
रालामंडल में वन विभाग क्या करता है?
वन विभाग और रालामंडल की टीम वन्यजीव गतिविधियों की निगरानी करती है तथा आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाती है।

