इंदौर में 14 अगस्त को गूंजेगा ‘ज़रा याद करो कुर्बानी’, शहीदों को नमन
इंदौर में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर खास देशभक्ति कार्यक्रम होगा। Indore zara yaad karo kurbani कार्यक्रम 14 अगस्त की शाम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अमर बलिदानियों को गीतों और नृत्य-नाटिका के जरिए श्रद्धांजलि दी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चंदू शिंदे के नेतृत्व में यह विशेष आयोजन होगा। कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी।
Indore Zara Yaad Karo Kurbani कार्यक्रम में क्या होगा?
कार्यक्रम में देशभक्ति गीत और नृत्य-नाटिका मुख्य आकर्षण रहेंगे। इसके जरिए स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों को याद किया जाएगा।
वहीं, विजयवर्गीय ने कहा कि इस मंच पर हर साल कलाकार अपनी प्रतिभा दिखाते हैं। पहले मुंबई के बड़े कलाकार भी यहां प्रस्तुति दे चुके हैं।
इसके अलावा, इस बार भी स्वतंत्रता पर्व को खास अंदाज में मनाने की तैयारी है। आयोजन का उद्देश्य युवाओं और शहरवासियों में राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत करना है।
Indore Zara Yaad Karo Kurbani में आधी रात होगा खास पल
इसी दौरान कार्यक्रम में रात 12 बजे विशेष आयोजन होगा। स्वतंत्रता प्राप्ति के क्षण को भारत माता के जयकारे के साथ याद किया जाएगा।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि देश के शहीदों को याद करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदानों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।
हालांकि, 14 अगस्त का दिन केवल स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या नहीं है। यह भारत विभाजन की दुखद त्रासदी की याद से भी जुड़ा है।
विभाजन की त्रासदी को भी किया जाएगा याद
विजयवर्गीय ने कहा कि विभाजन की पीड़ा को याद रखना जरूरी है। साथ ही उन्होंने देश की अखंडता और स्वतंत्रता के सम्मान की बात कही।
Indore zara yaad karo kurbani कार्यक्रम इसी भावना को आगे बढ़ाने की कोशिश है। इसमें देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए इतिहास से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
इस आयोजन में शहरवासियों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस से पहले इंदौर में राष्ट्रभक्ति का माहौल बनाएगा।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने क्या कहा?
कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रात 12 बजे भारत माता की जयकार के साथ स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि विभाजन की त्रासदी को भूलना नहीं चाहिए। देश की एकता और स्वतंत्रता के महत्व को समझना आज भी उतना ही जरूरी है।

