Indore Collector Pension Case: बाबू सस्पेंड, प्राचार्य को नोटिस

Dainik R Times
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Indore Pension Case

Indore Collector Pension Case को लेकर इंदौर की टीएल बैठक में सख्ती देखने को मिली। कलेक्टर शिवम वर्मा ने लंबित मामलों की समीक्षा की। इस दौरान पेंशन प्रकरण में करीब दो साल की देरी पर एक बाबू के निलंबन की जानकारी दी गई।

Indore Collector Pension Case में क्या कार्रवाई हुई?

इसके अलावा, संबंधित प्राचार्य को नोटिस जारी करने की बात कही गई। कलेक्टर ने बताया कि लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की गई है। कई अधिकारियों के वेतन काटे जाने की जानकारी भी दी गई।

वहीं, बैठक में शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण पर जोर दिया गया। अधिकारियों को लंबित मामलों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने काम में देरी को गंभीरता से लेने की बात कही।

टीएल बैठक में किन मुद्दों की समीक्षा हुई?

इसी दौरान, कलेक्टर कार्यालय में टीएल बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर शिवम वर्मा ने की। इसमें अपर कलेक्टर और एसडीएम भी मौजूद रहे।

साथ ही, जिला पंचायत सीईओ और नगर निगम के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। सभी विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने मामलों की जानकारी रखी। बैठक में समय-सीमा वाली शिकायतों पर विशेष चर्चा हुई।

पेंशन मामले में करीब 2 साल की देरी

इसके बाद, शिक्षा विभाग से जुड़े एक पेंशन प्रकरण का मामला सामने आया। कलेक्टर के अनुसार, इस मामले में करीब दो साल की देरी हुई। देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बाबू को सस्पेंड किया गया।

वहीं, संबंधित प्राचार्य को भी नोटिस जारी किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। कार्रवाई का आधार पेंशन प्रकरण में हुई देरी को बताया गया है।

कई अधिकारियों के वेतन काटे गए

इसके अलावा, कलेक्टर ने कई अधिकारियों के खिलाफ वेतन कटौती की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि काम में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को समय-सीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही, शिकायतों के निराकरण में गुणवत्ता पर भी जोर दिया गया। केवल शिकायत बंद करना पर्याप्त नहीं माना जाएगा। प्रशासन चाहता है कि लोगों को वास्तविक समाधान मिले।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर भी समीक्षा

इसी बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की स्थिति देखी गई। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को शिकायतों का समय पर समाधान करने को कहा।

वहीं, मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए। शिकायतों का निराकरण भी तय समय में होना चाहिए।

लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की चेतावनी

अंततः, Indore Collector Pension Case ने प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही का मुद्दा सामने रखा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी। सभी विभागों को अपने लंबित मामलों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, पेंशन और शिकायतों से जुड़े मामलों में समय-सीमा पर निगरानी रहेगी। आगे भी समीक्षा बैठकों में ऐसे मामलों की स्थिति देखी जा सकती है।

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