South Toda Encroachment: अतिक्रमण हटाने पर हंगामा, DCP को धक्का

Dainik R Times
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South Toda Indore me dsp ko mara

South Toda Encroachment: 50 शेड-6 मकान ध्वस्त, 6 हिरासत में

इंदौर के साउथ तोड़ा इलाके में बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। नगर निगम और पुलिस-प्रशासन की टीम रिमूवल कार्रवाई के लिए पहुंची थी। कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति बन गई।

इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने एडिशनल डीसीपी के साथ धक्का-मुक्की की। धक्का लगने से अधिकारी जमीन पर गिर गए। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को संभाला और कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

रिमूवल कार्रवाई विरोध के बावजूद जारी रही। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, कार्रवाई में 50 शेड और 6 अवैध मकानों को ध्वस्त किया गया। वहीं, पुलिस से अभद्रता और हंगामे के मामले में 6 लोगों को अभिरक्षा में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

South Toda Encroachment पर क्यों हुआ विवाद?

सबसे पहले, नगर निगम और प्रशासन की टीम साउथ तोड़ा में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

प्रशासन के मुताबिक, संबंधित लोगों को कार्रवाई से पहले नोटिस दिए गए थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब दो दिन पहले नोटिस जारी किए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि इलाके में नाले के किनारे अवैध निर्माण और कब्जे की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं।

वहीं, कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों की ओर से विरोध शुरू हो गया। इसके बाद मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी बढ़ाई गई।

South Toda Encroachment में एडिशनल DCP को धक्का

इसके बाद विवाद उस समय बढ़ गया, जब भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस होने लगी। इसी दौरान एडिशनल डीसीपी के साथ धक्का-मुक्की की घटना सामने आई।

रिपोर्टों के अनुसार, धक्का लगने से अधिकारी नीचे गिर गए। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और कुछ युवकों को हिरासत में लेकर रावजी बाजार थाने भेजा।

स्थानीय रिपोर्ट में अधिकारी का नाम एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल बताया गया है।

South Toda Removal Drive में 50 शेड और 6 मकान ध्वस्त

वहीं, भारी विरोध के बावजूद प्रशासन ने रिमूवल कार्रवाई नहीं रोकी। नगर निगम की टीम ने बुलडोजर की मदद से चिन्हित निर्माण और शेड हटाए।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, कार्रवाई के दौरान करीब 50 शेड और 6 मकानों को ध्वस्त किया गया। ये निर्माण प्रशासन द्वारा अवैध या अतिक्रमण के रूप में चिन्हित किए गए थे।

हालांकि, इन सभी निर्माणों की स्वतंत्र कानूनी स्थिति को लेकर अलग-अलग दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए रिपोर्ट में इन्हें प्रशासन द्वारा चिन्हित अवैध निर्माण के रूप में बताना अधिक सुरक्षित है।

South Toda Encroachment के विरोध में पुलिस बल तैनात

साथ ही, तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की।

पुलिस ने विरोध करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया। उपलब्ध रिपोर्ट में 6 लोगों को अभिरक्षा में लिए जाने की जानकारी है।

हालांकि, अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में हिरासत की संख्या अलग बताई गई है। नवभारत टाइम्स ने 4 युवकों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी, जबकि एक अन्य रिपोर्ट में 8 गिरफ्तारियों का उल्लेख है।

इसलिए फिलहाल इस खबर में 6 लोगों को अभिरक्षा में लेने की संख्या को स्थानीय रिपोर्ट के आधार पर और सावधानी से प्रस्तुत किया गया है।

पुलिस से अभद्रता के आरोप में कार्रवाई

इसके अलावा, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित करने और पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्रता करने वालों की पहचान की जा रही है।

अन्य लोगों की पहचान के लिए पुलिस मौके पर मौजूद वीडियो और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच कर रही है। पहचान होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल, हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका और उनके खिलाफ लगाए जाने वाले अंतिम आरोप पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होंगे।

प्रशासन ने पहले दिए थे नोटिस

वहीं, प्रशासन का कहना है कि रिमूवल कार्रवाई अचानक नहीं की गई। संबंधित लोगों को पहले नोटिस दिए गए थे।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, करीब दो दिन पहले नोटिस जारी किए गए थे। प्रशासन का दावा है कि नाले के किनारे नए निर्माण और अन्य कब्जों को लेकर पहले भी कार्रवाई के लिए नोटिस दिए जा चुके हैं।

इसके बाद नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त मौजूदगी में कार्रवाई की गई।

South Toda Encroachment पर आगे क्या होगा?

फिलहाल साउथ तोड़ा में रिमूवल कार्रवाई के बाद स्थिति पर पुलिस नजर बनाए हुए है। तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।

दूसरी ओर, पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। अन्य लोगों की पहचान होने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इस पूरे मामले में अब आगे की कार्रवाई पुलिस जांच, प्रशासनिक रिकॉर्ड और संबंधित निर्माणों की कानूनी स्थिति के आधार पर तय होगी।

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