Saty Sai School Property Tax: 4.30 करोड़ बकाया, कोर्ट ने निगम की मांग को वैध माना
इंदौर। शहर के श्री सत्य साईं विद्या विहार स्कूल पर नगर निगम का करीब 4.30 करोड़ रुपए संपत्तिकर बकाया बताया गया है। संपत्तिकर को लेकर स्कूल प्रबंधन और नगर निगम के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अब जिला न्यायालय ने निगम की संपत्तिकर मांग को वैध माना है।
निगम के मुताबिक, मामले में स्कूल को फिलहाल सील नहीं किया गया है। हालांकि, स्कूल प्रबंधन को 10 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद संपत्तिकर की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।
Saty Sai School Property Tax को लेकर क्या है विवाद?
वहीं, Saty Sai School Property Tax का यह विवाद वर्ष 2000 से न्यायालय में चल रहा था। स्कूल प्रबंधन की ओर से यह तर्क दिया गया था कि शैक्षणिक संस्थान होने के कारण उसे संपत्तिकर में छूट मिलनी चाहिए।
इसके बाद नगर निगम ने संपत्ति के क्षेत्रफल को लेकर भी आपत्ति जताई। निगम के अनुसार, स्कूल की ओर से करीब 64 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल बताया गया था। वहीं, निगम की जांच में वास्तविक क्षेत्रफल 3.45 लाख वर्गफीट से अधिक पाया गया।
कोर्ट ने 2.11 लाख वर्गफीट क्षेत्र को भी माना टैक्स योग्य
इसके अलावा, जिला न्यायालय के आदेश के अनुसार बाउंड्री के अंदर आने वाले 2.11 लाख वर्गफीट के खुले खेल मैदान और पार्किंग क्षेत्र को भी संपत्तिकर के दायरे में शामिल किया गया है।
निगम के मुताबिक, इसी आधार पर संपत्तिकर की मांग तय की गई। स्कूल प्रबंधन की ओर से निगम की मांग को चुनौती दी गई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिला न्यायालय ने स्कूल की अपील खारिज कर दी और निगम की मांग को वैध माना।
10 दिन का अल्टीमेटम, आगे हो सकती है सीलिंग की कार्रवाई
इसी बीच, नगर निगम ने स्कूल प्रबंधन को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित अवधि में बकाया संपत्तिकर को लेकर कार्रवाई नहीं होने पर निगम आगे की कार्रवाई कर सकता है।
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंगल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि स्कूल ने जिला न्यायालय में संपत्तिकर की मांग को चुनौती दी थी। न्यायालय ने मामले के सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद स्कूल का प्रकरण खारिज किया है।
आयुक्त के मुताबिक, अब न्यायालय के आदेश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्कूल की सीलिंग नहीं हुई है। हालांकि, बकाया संपत्तिकर की वसूली को लेकर निगम की कार्रवाई जारी है।

