Annapurna Temple Indore: मंदिर प्रवेश मार्ग से 8 मकान हटाए, निगम-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
इंदौर के Annapurna Temple Indore के पास पुरानी बस्ती पर नगर निगम और जिला प्रशासन ने कार्रवाई की। पुलिस प्रशासन के सहयोग से टीम ने 8 मकानों को हटाया। अधिकारियों के अनुसार, ये मकान मंदिर के प्रवेश मार्ग में बाधा बन रहे थे।
कार्रवाई के दौरान तीन थानों का पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मकानों को हटाने को लेकर पहले न्यायालय और एसडीएम न्यायालय से आदेश जारी हो चुके थे।
Annapurna Temple Indore के पास 8 मकानों पर कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, अन्नपूर्णा मंदिर के पास स्थित पुरानी बस्ती में 8 मकानों को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि यह स्थान मंदिर के प्रवेश मार्ग से जुड़ा है। मंदिर प्रशासन की मांग के बाद कार्रवाई की गई।
अधिकारियों के मुताबिक, यहां रहने वाले परिवार लंबे समय से रह रहे थे। एंकर कॉपी में वर्ष 1945 से निवास करने की बात कही गई है। हालांकि, इस अवधि से संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
वहीं, प्रशासन ने कार्रवाई से पहले न्यायालयीन आदेशों का हवाला दिया। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित मकानों को हटाने के संबंध में एसडीएम न्यायालय से भी आदेश प्राप्त हुआ था।
कार्रवाई के दौरान नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर रही। इसके बाद मकानों को हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
Annapurna Temple Indore कार्रवाई पर वकीलों और परिवारों का विरोध
इसके बाद कार्रवाई को लेकर मौके पर हंगामे की स्थिति भी बनी। प्रभावित परिवारों की ओर से मौजूद वकीलों ने कार्रवाई का विरोध किया।
वकीलों का कहना था कि उन्हें पहले सूचना दी जानी चाहिए थी। उनका दावा था कि एसडीएम कोर्ट का आदेश आया है और इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी थी। वकीलों के अनुसार, हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले कार्रवाई करना उचित नहीं था।
वहीं, प्रभावित परिवारों ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि मकान टूटने के बाद उनके सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है।
प्रभावित परिवारों को स्थान देने की बात
प्रशासन की ओर से बताया गया कि प्रभावित 8 परिवारों को रहने के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में वैकल्पिक स्थान, पात्रता और पुनर्वास की विस्तृत प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है।
इसलिए इन परिवारों को किस स्थान पर और किन शर्तों पर जगह दी जाएगी, इसकी जानकारी संबंधित विभाग से सामने आना बाकी है।
मामले में प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई न्यायालयीन आदेशों के आधार पर की गई। दूसरी ओर, प्रभावित परिवारों और उनके वकीलों ने न्यायालय में राहत लेने की बात कही है।
अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और प्रशासन की ओर से पुनर्वास संबंधी कदम महत्वपूर्ण होंगे।

