Indore Weather: सामान्य से 11 इंच कम बारिश, फसल पर असर

Dainik R Times
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Indore Weather: सामान्य से 11 इंच कम बारिश, किसानों को फसल कटाई की सलाह

इंदौर में इस मानसून Indore Weather ने किसानों की चिंता बढ़ाई है। शहर में इस सीजन सामान्य से करीब 11 इंच कम बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में फसलों की कटाई को लेकर कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है।

वहीं, आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है। IMD के 20 सितंबर के पूर्वानुमान में 25 सितंबर को इंदौर में बारिश या गरज-चमक की संभावना जताई गई थी।

Indore Weather में सामान्य से कम बारिश

इंदौर में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 34 इंच बारिश सामान्य मानी जा रही है। इसके मुकाबले इस बार करीब 23 इंच बारिश होने की जानकारी दी गई है।

इस हिसाब से बारिश में लगभग 11 इंच की कमी बताई जा रही है। हालांकि, स्थानीय बारिश के आंकड़ों के लिए IMD के cumulative rainfall data को आधार माना जाना चाहिए। IMD 20 सितंबर तक दैनिक और cumulative rainfall आंकड़े जारी कर रहा है।

बारिश की कमी का फसलों पर असर

कम बारिश का असर फसलों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार फसलों को बड़े नुकसान की आशंका फिलहाल कम बताई जा रही है।

वहीं, इस समय कई फसलें पकने की अवस्था में पहुंच गई हैं। ऐसे में आगे होने वाली बारिश किसानों के लिए अलग तरह की चुनौती पैदा कर सकती है।

25 सितंबर के आसपास बारिश की संभावना

IMD के 20 सितंबर के इंदौर पूर्वानुमान के अनुसार 25 सितंबर को आसमान में बादल और बारिश या गरज-चमक की संभावना थी। उस दिन अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री रहने का अनुमान था।

इसके अलावा, 19 सितंबर के IMD forecast में भी 25 सितंबर के लिए बारिश या गरज-चमक की संभावना दर्ज की गई थी।

इसलिए फसल की कटाई को लेकर किसानों को मौसम पर लगातार नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

सोयाबीन की फसल को लेकर खास सलाह

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पककर तैयार सोयाबीन की कटाई में अनावश्यक देरी से बचना चाहिए। खासकर तब, जब खेत की फसल कटाई के लिए तैयार हो चुकी हो।

वहीं, पक चुकी सोयाबीन पर बारिश होने से फलियों में नमी बढ़ सकती है। इससे दानों की गुणवत्ता और फसल के नुकसान का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए तैयार फसल को मौसम की स्थिति देखते हुए समय पर काटने की सलाह दी गई है।

Indore Weather को देखते हुए किसान क्या करें?

किसानों को अपनी फसल की स्थिति के साथ मौसम पूर्वानुमान भी देखते रहना चाहिए। जो फसल पूरी तरह पक चुकी है, उसकी कटाई में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए।

इसके अलावा, कटी हुई फसल को खुले में छोड़ने से बचना जरूरी है। कटाई के बाद फसल को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए।

कम बारिश के बीच मौसम पर नजर जरूरी

इस साल देश के स्तर पर भी IMD ने मानसून से पहले कम बारिश की संभावना जताई थी। मई के अपडेट में जून-सितंबर 2026 के लिए देशभर में सामान्य से कम मानसूनी बारिश का अनुमान दिया गया था।

हालांकि, इंदौर की स्थानीय बारिश में कमी को केवल किसी एक मौसमीय कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा। ENSO सहित कई बड़े मौसमीय कारक भारतीय मानसून को प्रभावित करते हैं। सितंबर 2026 में NOAA ने El Niño के मजबूत होने की जानकारी दी है।

फिलहाल किसानों के लिए सबसे जरूरी है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और फसल की स्थिति के आधार पर कटाई का फैसला लें। मौसम में बदलाव होने पर कृषि विभाग या स्थानीय कृषि विशेषज्ञों की सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।

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