Vande Mataram Case: Supreme Court ने केंद्र से मांगा जवाब

Dainik R Times
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वंदे मातरम् (Vande Mataram) के पूरे 6 अंतरों को अनिवार्य करने वाले नियमों और न गाने पर सजा के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है। यह याचिका प्रसिद्ध कर्नाटक संगीत गायक टीएम कृष्णा ने दाखिल की है। इस Vande Mataram Supreme Court मामले पर कानूनी विश्लेषण के मुताबिक यह फैसला राष्ट्रगीत की अनिवार्यता पर बड़ा असर डाल सकता है।

Vande Mataram Supreme Court में सुनवाई — क्या हुआ

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने फिलहाल केंद्र को औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया, लेकिन दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

याचिका में 2026 में हुए राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण कानून (Prevention of Insults to National Honour Act) में संशोधन को चुनौती दी गई है। इस संशोधन से वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जैसी कानूनी सुरक्षा मिली है। कानून के तहत जानबूझकर राष्ट्रीय गीत का गायन रोकने या उसमें बाधा डालने पर तीन साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है।

इसके अलावा गृह मंत्रालय के उन दिशा-निर्देशों को भी चुनौती दी गई है, जिनमें आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के पूरे 6 अंतरे गाने अनिवार्य किए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि आखिरी चार अंतरों में हिंदू देवी-देवताओं का आह्वान है, इसलिए इसे अनिवार्य करना देश की धर्मनिरपेक्ष छवि के खिलाफ है।

कोर्ट की अहम टिप्पणी

सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि 1986 के बिजॉय इमैनुअल फैसले में घोषित कानून इस मामले पर भी लागू होगा। उस फैसले में कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रगान न गाने वालों पर कार्रवाई नहीं हो सकती। इसलिए जो व्यक्ति अपने अंतःकरण से वंदे मातरम् के एक या सभी अंतरे नहीं गाता, उसे आपराधिक सजा नहीं मिलनी चाहिए।

सुनवाई के दौरान तीखी बहस भी हुई। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने नोटिस जारी न करने की मांग की और कहा कि कानून संसद बनाती है। इस पर याचिकाकर्ता के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधर ने तीखी आपत्ति जताई और टिप्पणी वापस लेने की मांग की।

गौरतलब है कि इसी मुद्दे पर कर्नाटक हाईकोर्ट में भी सुनवाई टल गई है। वहां राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों को छोड़कर सभी सरकारी कार्यक्रमों में सिर्फ पहले दो अंतरे गाने का निर्देश है। देश की अन्य बड़ी खबरों में, 4 राज्यों में 23 अक्टूबर को MLC चुनाव के लिए मतदान होगा।

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