नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु के 16 ठिकानों पर छापेमारी हुई। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत हुई है।
ED के कोलकाता जोनल कार्यालय ने सुबह से तलाशी शुरू की। सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई अभी भी जारी है। अधिकारियों ने कुछ खास सूचनाओं के आधार पर यह कदम उठाया।
जांच मैकनेली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (MBECL) के अधिग्रहण से जुड़ी है। इसमें कथित FEMA उल्लंघनों और फंड के स्रोत की पड़ताल हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि MBECL का नियंत्रण हासिल करने में इस्तेमाल धन की आवाजाही पर नजर है।
छापे कथित रूप से कोयला और खनन कारोबारी संजय पसारी से जुड़े ठिकानों पर पड़े। उनके भाई राजीव पसारी के परिसर भी दायरे में आए। इसके अलावा रवि तोड़ी और सुधीर सतनालीवाला के ठिकाने शामिल हैं। BTL EPC लिमिटेड, मंडल व्यापार, ट्रोलेक्स इंडिया, CEMFIL एंटरप्राइजेज और महाबलेश्वर मर्चेंट्स जैसी कंपनियों के कार्यालयों पर भी तलाशी हुई।
ED raids MBECL: दिवाला प्रक्रिया पर सवाल
जांच की एक बड़ी दिशा दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (IBC) से जुड़ी है। ED यह देख रही है कि क्या दिवाला प्रक्रिया का दुरुपयोग हुआ। आशंका है कि सेक्शन 29A के तहत अयोग्य लोगों ने परोक्ष रूप से कंपनी पर नियंत्रण पा लिया।
MBECL कोलकाता की इंजीनियरिंग कंपनी है। यह पहले दिवाला प्रक्रिया से गुजर चुकी है। कंपनी के अधिग्रहण के समय ही संदिग्ध लेनदेन के आरोप सामने आए थे।
कोलकाता में दक्षिणी इलाकों के दो पतों पर भी तलाशी हुई। जांचकर्ता बैंक खातों और कॉर्पोरेट रिकॉर्ड की छानबीन कर रहे हैं। दिल्ली और बेंगलुरु में अलग-अलग टीमें कार्रवाई कर रही हैं।
हालांकि अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। ED की ओर से आधिकारिक बयान भी जारी नहीं हुआ। लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ सकता है।
इससे पहले सोमवार को ED ने दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में 26 ठिकानों पर छापे मारे थे। वह कार्रवाई तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में थी। एक ही हफ्ते में दो बड़ी कार्रवाइयों ने केंद्रीय एजेंसी की सक्रियता साफ कर दी है।

