प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की Modi Canada visit को लेकर बड़ी घोषणा हुई है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को कहा कि मोदी दिसंबर 2026 में कनाडा आएंगे। यह ऐलान उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के इतर एक प्रेस ब्रीफिंग में किया।
कार्नी ने बताया कि भारत के साथ व्यापार वार्ता “अच्छी प्रगति” पर है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ संबंध “कई, कई स्तरों पर असाधारण रूप से महत्वपूर्ण” हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मोदी की यात्रा के समय तक या उसके दौरान व्यापार समझौते को अंतिम रूप मिल सकता है।
CEPA 2026 के अंत तक
दोनों देशों का लक्ष्य कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) को 2026 के अंत तक पूरा करना है। कार्नी ने कहा कि उनकी योजना दिसंबर के मध्य में मियामी में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन तक वार्ता पूरी करने की है। मोदी इसी समय के आसपास कनाडा जाएंगे।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में मुंबई में कनाडा के व्यापार मंत्री मनींदर सिद्धू के साथ चौथे दौर की वार्ता पूरी की। गोयल ने कहा कि CEPA के लिए वार्ता का पांचवां दौर 5 अक्टूबर से शुरू होगा। दोनों पक्षों ने प्रक्रिया में तेजी लाने पर सहमति जताई है।
व्यापार के आंकड़े और लक्ष्य
सिद्धू के मुताबिक, 2024 में कनाडा-भारत का द्विपक्षीय व्यापार 30.8 अरब डॉलर रहा। दोनों देशों ने 2030 तक इसे दोगुने से ज्यादा करके 70 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद ने भी कहा कि इस सप्ताह UNGA के दौरान वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से CEPA पर चर्चा करेंगी।
संबंधों में नरमी का दौर
यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में नरमी का सबसे बड़ा संकेत मानी जा रही है। वर्ष 2023-24 में निज्जर विवाद के बाद संबंधों में गंभीर तनाव आया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था, जिसे भारत ने खारिज किया था।
इसके बाद कार्नी ने पिछले वर्ष G20 शिखर सम्मेलन में भारत के साथ व्यापार वार्ता फिर से शुरू की थी। कार्नी का कहना है कि अमेरिका प्रशासन की बढ़ती अस्थिरता के बीच कनाडा अपनी आर्थिक निर्भरता कम करना चाहता है। इसलिए भारत जैसा तेजी से बढ़ता बाजार कनाडा के लिए रणनीतिक रूप से अहम है।
मोदी की यह यात्रा न केवल व्यापार, बल्कि सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगी। अगर दिसंबर में CEPA पर समझौता हो जाता है तो यह दोनों देशों के दशक के सबसे बड़े समझौतों में से एक होगा।
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स्रोत: IANS report

