Trump Shehbaz meeting गुरुवार को White House में हुई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। यह बैठक करीब 80 मिनट चली। शरीफ के साथ पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी थे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी बैठक में मौजूद रहे।
शरीफ का काफिला शाम 4 बजकर 52 मिनट पर White House पहुंचा था। हालांकि, ट्रंप अपने तय कार्यक्रमों में व्यस्त थे, इसलिए दोनों नेताओं को करीब आधा घंटा इंतजार करना पड़ा। इसके बाद बैठक शुरू हुई और शाम 6 बजकर 18 मिनट के आसपास पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल रवाना हुआ।
Trump Shehbaz meeting: क्या बोले ट्रंप
बैठक से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल शानदार लोग हैं। उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने दुनिया में सात बड़े युद्ध रुकवाए हैं। यह शरीफ की White House की पहली यात्रा थी। इससे पहले वह मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर ट्रंप से मिले थे।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के मुताबिक, शरीफ ने मई में भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर में मदद के लिए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने ट्रंप को “अमन का पैगंबर” बताया। शरीफ ने अमेरिकी कंपनियों को पाकिस्तान के कृषि, तकनीक, खनन और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश का न्योता भी दिया। साथ ही उन्होंने ट्रंप को पाकिस्तान आने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
आतंकवाद और गाजा पर चर्चा
दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर भी बात हुई। ट्रंप ने चरमपंथ से लड़ने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की। खबरों के मुताबिक, गाजा में जारी युद्ध को रोकने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में गर्माहट आ रही है। जुलाई में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता हुआ था, जिसके तहत पाकिस्तानी सामान पर टैरिफ घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया। सितंबर की शुरुआत में खनिज और ऊर्जा क्षेत्रों में भी दो समझौते हुए थे।
वहीं, भारत से अमेरिका के रिश्तों में तनाव है। रूस से सस्ता तेल खरीदने के मुद्दे पर ट्रंप ने भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ा दिया था। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने मई के सीजफायर में भूमिका के लिए ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया था।

