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IND vs Malaysia Hockey Final: 5-1 से Gold, LA28 टिकट पक्का

Dainik R Times
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भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियाई खेल 2026 के फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया है। शनिवार को गिफू के काकामिगाहारा में खेले गए इस मैच में भारत ने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा। यह भारत का खेलों में 21वां गोल्ड है।

मैच की शुरुआत भारत के लिए शानदार रही। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 11वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि तीन मिनट बाद मलेशिया के शेलो सिल्वरियस ने फील्ड गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद जुगराज सिंह ने 23वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को 2-1 से आगे कर दिया।

दूसरे हाफ में भारत का जलवा

दूसरे हाफ में भारतीय टीम और आक्रामक नजर आई। हार्दिक सिंह ने 42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया। इसके बाद 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने फील्ड गोल किया, और तीन मिनट बाद हरमनप्रीत ने अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर गोल दागकर 5-1 की जीत पक्की कर दी।

यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक है। भारत ने पुरुष हॉकी में पांचवां एशियाई खेलों का गोल्ड जीता है, और पहली बार लगातार दो बार यह खिताब अपने नाम किया है। खास बात यह है कि इस बार पुरुष और महिला हॉकी टीम का गोल्ड दोनों एक ही एशियाड में आया है, जो पहले कभी नहीं हुआ था। (फाइनल की पूरी रिपोर्ट)

इस जीत से भारत को सीधे लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का टिकट भी मिल गया है। मेडल टैली में भारत अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है। मलेशिया को सिल्वर मिला, जबकि ब्रॉन्ज के लिए पाकिस्तान ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया।

लगातार दूसरा खिताब

भारत ने पिछली बार हांगझोउ 2022 में भी पुरुष हॉकी का गोल्ड जीता था। लेकिन एशियाई खेलों के इतिहास में लगातार दो बार चैंपियन बनना पहले कभी संभव नहीं हुआ था। इसलिए यह जीत भारतीय हॉकी के सुनहरे दौर की गवाही देती है। टीम ने इस पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक हॉकी खेली, और फाइनल में भी मलेशिया को कोई मौका नहीं दिया।

कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रैग-फ्लिकर में से एक हैं। उनके दो पेनल्टी कॉर्नर गोलों ने मैच का रुख तय कर दिया। हार्दिक सिंह का पेनल्टी स्ट्रोक और शिलानंद लाकड़ा का फील्ड गोल टीम के संतुलित खेल का सबूत है।

अब भारतीय हॉकी का लक्ष्य 2028 ओलंपिक में पदक जीतना होगा। कोचिंग स्टाफ का कहना है कि टीम की यह पीढ़ी दुनिया की किसी भी टीम को हरा सकती है। यह दिन भारतीय खेल के लिए दोहरी खुशी लेकर आया — क्रिकेट में भी आज ही जीता गया क्रिकेट गोल्ड भारत के खाते में जुड़ा।

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