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Hormuz Tanker Attack: 3 टैंकरों पर हमले, G7 से Brent नरम

Dainik R Times
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Hormuz tanker attack के बाद वैश्विक तेल बाज़ार में हल्की राहत दिखी है। 1 अक्टूबर से होरमुज जलडमरूमध्य के आसपास तीन टैंकरों पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्रों से हमलों के बाद G7 देशों ने आपातकालीन भंडार से 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करने पर सहमति जताई है। ET की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार सुबह Brent क्रूड 0.54% गिरकर 101.70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

Hormuz tanker attack में अब तक क्या हुआ

ब्रिटेन की मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, 4 अक्टूबर को होरमुज जलडमरूमध्य के भीतर एक टैंकर पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ, जिससे उसके इंजन रूम को नुकसान पहुंचा। हालांकि, चालक दल सुरक्षित है और पर्यावरण पर कोई असर नहीं पड़ा। अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है और जहाजों को सावधानी से आवाजाही की सलाह दी गई है।

UKMTO की चेतावनियों के अनुसार, 1 अक्टूबर से अब तक कम से कम तीन टैंकरों को निशाना बनाया गया है। शनिवार को ओमान से करीब 4 समुद्री मील पूर्व एक कच्चा तेल टैंकर अपने पोर्ट साइड पर हिट हुआ। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को दो घटनाएं हुईं — एक जहाज में छोटी आग लगी और बिजली चली गई, जबकि दूसरा कच्चा तेल टैंकर पास ही हिट हुआ। गुरुवार को ईरान की फार्स न्यूज़ एजेंसी ने दावा किया था कि ओमान के पास 25 लाख बैरल कच्चा तेल ले जा रहे एक सुपरटैंकर में आग लग गई थी।

ईरान ने इन घटनाओं का अलग ब्योरा दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, पांच दिनों में सात टैंकरों को निशाना बनाया गया। उसने AL RUWAIS, SINBAD तथा MERSIN PROSPERITY नाम के तीन जहाजों को UAE के स्वामित्व या चार्टर वाले बार-बार उल्लंघन करने वाले जहाज बताया है। ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति जलडमरूमध्य पार करने वाले जहाजों पर हमला हो सकता है या वे समुद्री खदानों से टकरा सकते हैं।

कीमतों पर क्या असर पड़ा

G7 का आपातकालीन रिलीज़ फैसला पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद आया। देशों ने ऊर्जा निर्यात पर प्रतिबंध न लगाने का भी संकल्प लिया। इसके अलावा, मध्य पूर्व से कच्चे तेल की अतिरिक्त खेप बाज़ार में आने से आपूर्ति की चिंता कम हुई — शिपिंग डेटा के अनुसार, सितंबर के आखिरी हफ्ते में सात में से चार दिन निर्यात युद्ध-पूर्व स्तर से ऊपर रहा। गौरतलब है कि नवंबर के लिए OPEC+ ने तेल उत्पादन स्थिर रखने का फैसला किया था, जिसके बाद कीमतें 100 डॉलर के पार बनी हुई थीं।

रिपोर्टों के अनुसार, अरामको ने एशिया के लिए नवंबर के कच्चे तेल की कीमतें अप्रत्याशित रूप से छह साल के निचले स्तर पर कर दी हैं, जबकि OPEC+ ने 2027 के उत्पादन कोटे की समीक्षा स्थगित कर दी है। हालांकि, बाज़ार अब भी खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम पर नज़र रखे हुए है, क्योंकि यमन में सऊदी समर्थित सरकार ने हूतियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इससे पहले हूतियों के अरामको ठिकानों पर हमले के दावे का सऊदी अरब ने खंडन किया था।

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