इंदौर नगर निगम के 8,000 से अधिक सफाईकर्मियों की हड़ताल गुरुवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गई। यह हड़ताल 5 अक्टूबर से शुरू हुई है। इसके कारण शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लग गए हैं। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था भी चरमरा गई है।
सफाईकर्मी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इनमें नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन और ठेका-आउटसोर्स व्यवस्था खत्म करना शामिल है। चिकित्सा आधार पर अनुकंपा नियुक्ति भी उनकी मांग है। इसके अलावा 28 साल से बंद स्थायी सफाईकर्मियों की भर्ती फिर से शुरू करने की मांग की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 अलग-अलग यूनियनों के आह्वान पर हजारों सफाई मित्र हड़ताल में शामिल हैं।
हड़ताल का असर कई इलाकों में दिख रहा है। सराफा, सियागंज, बर्तन बाजार, सीतामाता बाजार और खजूरी बाजार में कचरा जमा है। सोमनाथ की चाल, नेहरू नगर, पलासिया, नंदानगर, बाणगंगा और अन्नपूर्णा में भी सफाई नहीं हुई। प्रमुख बाजारों से भी कचरा नहीं उठ पा रहा है। इससे दुकानदारों को तीन दिन से कचरा दुकानों में ही रखना पड़ रहा है। करीब 4,000 NGO और आउटसोर्स कर्मचारी फिलहाल सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं।
Indore sanitation strike पर सियासत तेज
इस मुद्दे पर अब सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने महापौर, नगर आयुक्त और कलेक्टर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंदौर को स्वच्छ शहर की पहचान दिलाने वाले कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कचरे के ढेरों के पास पोस्टर भी लगाए हैं।
वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर सड़कों पर कचरा डाल रहे हैं। उनका कहना है कि इससे इंदौर की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि जायज मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उकसाने वालों पर कार्रवाई भी हो रही है। सीसीटीवी और वायरल वीडियो के जरिए कचरा फेंकने वालों की पहचान की जा रही है।
नगर आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि सेवा से हटाए गए 44 कर्मचारियों को बहाल कर दिया गया है। शेष मांगें राज्य सरकार को भेज दी गई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी आश्वासन का पत्र मिला है। लेकिन कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया है। बुधवार को प्रदर्शनकारी विजय नगर में भाजपा के एक कार्यक्रम तक भी पहुंच गए। वहां तीखी बहस हुई।
हड़ताल की चेतावनी पर हमारी पहले की रिपोर्ट यहां पढ़ें: https://dainikrajeevtimes.com/indore-sanitation-workers-strike-warning
