मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में Jabalpur-Bhopal-Indore Industrial Corridor के विकास के लिए एक नई कंपनी के गठन को मंजूरी दी गई। इस कंपनी का नाम ‘Jabalpur–Indore Economic Corridor Development Company Limited’ होगा। यह विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) पूरी तरह राज्य सरकार के स्वामित्व में रहेगी और इसके लिए शुरुआती तौर पर ₹100 करोड़ की पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार ने कंपनी के शुरुआती संचालन के लिए ₹20 करोड़ का ब्याज-मुक्त ऋण देने का भी प्रस्ताव रखा है। इस नई कंपनी की गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे, ताकि फैसले तेजी से लिए जा सकें और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बना रहे। कंपनी का मुख्य काम औद्योगिक क्षेत्रों की योजना बनाना, निवेशकों को आकर्षित करना और उद्योगों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करना होगा।
7 जिलों में फैलेगा कॉरिडोर
यह औद्योगिक कॉरिडोर सात जिलों — Jabalpur, Narsinghpur, Raisen, Bhopal, Sehore, Dewas और Indore — में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करेगा। सरकार का अनुमान है कि कॉरिडोर के पूरी तरह विकसित होने पर तीन साल में ₹3 लाख करोड़ से अधिक का निवेश आ सकता है और 6 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। ये लक्ष्य और अनुमान हैं, न कि पक्के आंकड़े।
पहले चरण में करीब 10,000 एकड़ क्षेत्र में तीन से पांच बड़े औद्योगिक हब विकसित करने की योजना है। इन हब में उद्योगों को जमीन के साथ बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं मिलेंगी। खास बात यह है कि इन क्षेत्रों को सिर्फ फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि श्रमिकों के लिए आवास, अस्पताल, स्कूल, कौशल विकास केंद्र और हरित क्षेत्र के साथ औद्योगिक टाउनशिप के रूप में तैयार किया जाएगा।
किस क्षेत्र में क्या फायदा?
योजना के मुताबिक Jabalpur क्षेत्र में इंजीनियरिंग, विनिर्माण और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा। Narsinghpur और Raisen में खाद्य प्रसंस्करण और वेयरहाउसिंग, Bhopal में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स, जबकि Indore में उन्नत विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को गति मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का समग्र विस्तार इसका मकसद है।
कंपनी के गठन की प्रक्रिया 30 दिन के भीतर पूरी करने और छह महीने में कॉरिडोर की GIS मैपिंग तथा लैंड बैंक तैयार करने का कार्यक्रम भी रखा गया है।
कैबिनेट के अन्य फैसले
इसी बैठक में स्कूलों में परिवहन व्यवस्था मजबूत करने के लिए करीब ₹241 करोड़ की योजना को भी मंजूरी दी गई। बसों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी अब जिला स्तर पर कलेक्टरों को सौंपी जाएगी। साथ ही शासकीय स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और सांदीपनि विद्यालयों के उन्नयन के लिए लगभग ₹3,000 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई।
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स्रोत: Amar Ujala: MP to build Jabalpur-Indore industrial corridor
