मध्यप्रदेश में करीब 18 साल बाद होम गार्ड (नगर सेना) के रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने 5010 होम गार्डों की भर्ती को मंजूरी दे दी है। इनमें से 488 पद उज्जैन के महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए रखे गए हैं। आखिरी बार 2008 में होम गार्ड की नियमित भर्ती हुई थी।
भर्ती का प्रस्ताव जनवरी में ही गृह विभाग को भेजा गया था। होम गार्ड को डाइंग कैडर घोषित किए जाने के कारण 2008 के बाद नियमित भर्ती नहीं हो सकी थी, हालांकि 2016 में सिंहस्थ के दौरान 2600 जवानों को अस्थायी तौर पर भर्ती किया गया था, जिन्हें बाद में नियमित सेवा में शामिल कर लिया गया।
पहली बार प्रदेश स्तर पर ESB से परीक्षा
इस बार भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। विभाग ने फैसला लिया है कि लिखित परीक्षा कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से कराई जाएगी, जिसके बाद चयनित अभ्यर्थियों की शारीरिक परीक्षा विभाग खुद लेगा। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में आवेदन आने की उम्मीद है, इसलिए राज्य स्तरीय भर्ती एजेंसी की भागीदारी से योग्य अभ्यर्थियों का चयन आसान होगा।
पहले होम गार्ड की भर्ती संभाग मुख्यालयों पर होती थी। स्थानीय अखबारों में विज्ञापन निकलता था, अभ्यर्थी मैदान में शारीरिक जांच के लिए पहुंचते थे और संभागीय कमांडेंट मेरिट सूची बनाकर चयन करता था। अब पहली बार यह भर्ती प्रदेश स्तर पर होगी।
महिलाओं के लिए 33% आरक्षण
इस भर्ती की एक और खास बात यह है कि पहली बार महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे। अब तक होम गार्ड में महिलाओं की भर्ती नहीं होती थी, क्योंकि सेवा की परिस्थितियां जिला पुलिस बल की तुलना में कठिन मानी जाती थीं। वर्तमान में महज 350 महिलाएं इस सेवा में हैं।
नईदुनिया के मुताबिक, होम गार्ड के कुल 15,800 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 6690 खाली हैं। फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार स्वीकृत संख्या 16,500 और कार्यरत जवान 8,500 हैं — दोनों ही आंकड़े भारी कमी की ओर इशारा करते हैं। महाकाल लोक और ज्योतिर्लिंग परिसर की सुरक्षा के लिए 488 पद पहले से स्वीकृत थे, और सीएम ने दिसंबर 2025 में सिंहस्थ 2028 की सुरक्षा के लिए 5,000 होम गार्ड भर्ती की घोषणा की थी। होम गार्ड की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कहा है कि भर्ती के लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है और जल्द विज्ञापन जारी हो सकता है।
