Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke ने गुरुवार को नई दिल्ली के Press Club में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजनीतिक दलों, युवाओं, किसान संगठनों, श्रमिक संघों और छात्र संगठनों को 16 अक्टूबर के Tiranga March में शामिल होने का बुलावा दिया। यह मार्च कल शाम 5 बजे Connaught Place के Central Park में होना है।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष Neha Bora, SFI नेता Aishe Ghosh, AISF के राष्ट्रीय अध्यक्ष Viraaj Devang, वरिष्ठ अधिवक्ता Prashant Bhushan, अभिनेता-कार्यकर्ता Prakash Raj और कार्यकर्ता Anjali Bharadwaj भी मौजूद थे। Dipke ने कहा कि उनके दो सह-संयोजकों — Saurav Das और Ashutosh Ranka — को सिर्फ तिरंगा फहराने पर जेल भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि तानाशाह को बताना होगा कि तिरंगा फहराना अपराध नहीं है। Dipke ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति — मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar — को बचाने के लिए पूरी दिल्ली को सीमा जैसा बना दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया तो वे डरेंगे नहीं, क्योंकि तिरंगा उनकी शान है।
SIR में वोट कटने का आरोप
Dipke ने SIR के दौरान करीब 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा-नेतृत्व वाले NDA और कांग्रेस-नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन के बीच सिर्फ 2 प्रतिशत का अंतर था। ऐसे में इतने बड़े पैमाने पर नाम कटना चुनाव को प्रभावित करने की साजिश है।
उन्होंने “One Nation, One Election” नारे पर भी निशाना साधा। उनके अनुसार इस नारे के पीछे असली मकसद “One Nation, One Party” है। Prakash Raj ने आरोप लगाया कि Form 7 का इस्तेमाल मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने में हो रहा है।
शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि जवाबदेही मांगना अब जेल जाने लायक अपराध बन गया है। AAP नेता Saurabh Bharadwaj ने Jantar Mantar को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग की।
कल 5 बजे का प्लान और सुरक्षा
उधर Delhi High Court ने गुरुवार को ही CJP को 16 अक्टूबर के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने पुलिस के उस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए कानून के तहत हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस का कहना है कि आयोजकों ने Central Park में सभा की अनुमति नहीं मांगी है। इलाके में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। मध्य दिल्ली में भारी सुरक्षा तैनात की गई है और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति वाले जमावड़े पर कानून के तहत कार्रवाई होगी।
