Follow Dainik Rajeev Times

IDBI Bank Stake Sale: ₹52,878 करोड़ में Fairfax को 60.72%

Dainik R Times
4 Min Read

केंद्र सरकार ने IDBI Bank की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने बुधवार को कनाडा की Fairfax Financial Holdings की इकाई 10955230 Canada Inc को रणनीतिक खरीदार के तौर पर मंजूरी दे दी। इस सौदे की कुल कीमत 52,878 करोड़ रुपये तय हुई है। सौदा पूरा होने के बाद यह देश के वित्तीय क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) होगा।

सरकार के मुताबिक, बेची जाने वाली 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी में केंद्र सरकार का 30.48 प्रतिशत और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का 30.24 प्रतिशत हिस्सा शामिल है। लेन-देन के बाद सरकार के पास 15 प्रतिशत और LIC के पास 19 प्रतिशत हिस्सेदारी बची रहेगी। यानी सरकार और LIC मिलकर बैंक में 34 प्रतिशत हिस्सेदारी बरकरार रखेंगे।

सौदे की कीमत 81 रुपये प्रति शेयर तय हुई है, जबकि दो स्वतंत्र मूल्यांकन एजेंसियों ने बैंक का उचित मूल्य 75.99 रुपये प्रति शेयर आंका था। सरकार का कहना है कि बोली इस बेंचमार्क से ऊपर रही, इसलिए यह प्रस्ताव उचित माना गया। CCEA की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई। फैसले की घोषणा सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की।

Air India के बाद सबसे बड़ी विनिवेश प्रक्रिया

यह सौदा Air India की बिक्री के बाद सरकार का सबसे बड़ा रणनीतिक विनिवेश माना जा रहा है। यह प्रक्रिया पांच साल से ज्यादा समय से चल रही थी। प्रारंभिक रुचि दिखाने वाले पांच पक्षों में से चार योग्य पाए गए और अंत में दो ने तकनीकी-वित्तीय बोलियां दीं। विनिवेश विभाग (DIPAM) के सचिव ने बताया कि शेयर खरीद समझौते पर चालू वित्त वर्ष के भीतर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। खरीदार की लगाई गई पूंजी तीन साल तक लॉक रहेगी और IDBI Bank अपना मौजूदा ब्रांड नाम बनाए रखेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस लेन-देन को “रणनीतिक पुनर्गठन” बताया, न कि रणनीतिक विनिवेश। उनका कहना है कि सरकार और LIC बैंक में हिस्सेदार बने रहेंगे। बैंक की खराब वित्तीय सेहत के कारण पहले सरकार और बाद में LIC को बार-बार पूंजी डालनी पड़ी थी। सौदे के बाद Fairfax को अल्पसंख्यक शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर भी देना होगा और RBI के ‘फिट एंड प्रॉपर’ आकलन से गुजरना होगा। Fairfax की CSB Bank में भी हिस्सेदारी है, जिसे उसे दो साल के भीतर या तो IDBI Bank में मिला लेना होगा या बेचना होगा।

शेयर बाजार में गिरावट, आगे की राह

गुरुवार को खबर के बाद IDBI Bank के शेयरों में सात प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई। सुबह के कारोबार में शेयर 83.70 रुपये के दिन के निचले स्तर तक फिसल गए। विश्लेषकों का मानना है कि अल्पावधि में अनिश्चितता बनी रह सकती है, लेकिन प्रबंधन नियंत्रण का स्पष्ट होना लंबे समय में बैंक के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। सरकार ने वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह को शेष 15 प्रतिशत सरकारी हिस्सेदारी खुले बाजार में बेचने की शक्तियां भी सौंप दी हैं, ताकि भविष्य में मूल्य वृद्धि का लाभ उठाया जा सके।

Share This Article