Asian Para Games 2026 में भारत ने इतिहास रच दिया है। शुक्रवार को आइची-नागोया में समाप्त खेलों में भारत ने कुल 114 पदक जीते। इनमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज शामिल हैं। यह एशियन पैरा गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। हांगझोउ 2023 में भारत ने 111 पदक जीते थे। लेकिन डोपिंग मामलों में तीन पदक छिनने के बाद यह संख्या 108 रह गई।
आखिरी दिन 9 गोल्ड, Sumit Antil की अगुआई में स्वीप
शुक्रवार का दिन भारतीय दल के लिए सबसे शानदार रहा। एक ही दिन में 9 गोल्ड मिले — इस संस्करण का सर्वश्रेष्ठ एकल-दिवसीय प्रदर्शन। पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतकर पोडियम स्वीप की अगुआई की। उनके साथ महेंद्र गुर्जर और संदीप सरगर भी पोडियम पर रहे।
पैरा बैडमिंटन में भी भारत का दबदबा रहा। पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने मेंस सिंगल्स SL3 फाइनल में हमवतन और विश्व चैंपियन प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर गोल्ड जीता। तुलसीमति मुरुगेसन और मानसी जोशी की जोड़ी ने वुमेंस डबल्स SL3-SU5 में चीन की विश्व चैंपियन जोड़ी को 21-16, 21-13 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
तीन World Record, तीरंदाजी में भी कमाल
इन खेलों में भारतीय एथलीटों ने तीन विश्व रिकॉर्ड भी तोड़े। निशानेबाज मोना अग्रवाल ने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन SH1 में 357.5 के स्कोर के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया और यह उनका दूसरा गोल्ड था। हैनी ने जैवलिन F37/38 में 60.49 मीटर और संदीप सिंह मान ने 400 मीटर T44 में 52.28 सेकंड के साथ विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए।
तीरंदाजी में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने मेंस रिकर्व डबल्स में गोल्ड जीता। भावना और पूजा ने वुमेंस रिकर्व डबल्स में सिल्वर जीता — इस इवेंट में भारत का यह पहला पदक है। खास बात यह है कि 168 खिलाड़ियों का भारतीय दल हांगझोउ के 309 खिलाड़ियों वाले दल से लगभग आधा था। फिर भी पदकों की संख्या रिकॉर्ड रही। पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया ने कहा कि 114 पदकों का आंकड़ा भारतीय पैरा-खेलों के लिए गर्व का क्षण है। समापन समारोह में निषाद कुमार और मोना अग्रवाल ध्वजवाहक रहे।
