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MP Rent to Own Policy: किराए पर रहो, EMI से बनो मालिक

Dainik R Times
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मध्य प्रदेश में अपना घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार 28 अक्टूबर को इंदौर में Urban Growth Conclave 2.0 के दौरान MP Rent to Own Policy का मसौदा जारी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस नीति को खुद लॉन्च करेंगे। इसके साथ रिसाइकल्ड वाटर पॉलिसी का मसौदा भी सामने रखा जाएगा।

यह कॉन्क्लेव इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगा। इसमें नीति आयोग की सिटी इकोनॉमिक रीजन पहल के तहत तैयार इंदौर इकोनॉमिक रीजन का रोडमैप भी पेश किया जाएगा। यह रोडमैप आठ जिलों को जोड़ता है। इनमें इंदौर, उज्जैन, धार, रतलाम, देवास, खरगोन, खंडवा और शाजापुर शामिल हैं। इसका मकसद औद्योगिक कॉरिडोर, नई टाउनशिप, लॉजिस्टिक्स सुविधा और रोजगार के मौके एक साथ विकसित करना है।

MP Rent to Own Policy क्या है?

इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण रेंट टू ओन का विकल्प है। इसके तहत अफोर्डेबल हाउसिंग के मकान पहले किराए पर दिए जाएंगे। अगर किराएदार चाहेगा, तो वह उसी मकान को आसान किश्तों में अपने नाम करा सकेगा। इस तरह किराए पर रहते-रहते ही वह मकान मालिक बन जाएगा। हालांकि इस योजना से जुड़ी शर्तों को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

मसौदे में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में राहत का भी प्रस्ताव है। 645 वर्गफीट तक के मकानों पर यह शुल्क एक फीसदी से कम करने पर विचार चल रहा है। इसके अलावा निजी टाउनशिप में अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए 15 फीसदी भूमि पर मकान बनाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। शहरों को तीन हिस्सों में बांटकर हर हिस्से के लिए अलग एफएआर सीमा तय करने की भी योजना है।

कॉन्क्लेव में और क्या होगा?

कॉन्क्लेव में निवेश के कई मौके भी दिखाए जाएंगे। इनमें टॉर्टॉइज सिटी, सेंट्रल विस्टा भोपाल और हुकुमचंद मिल पुनर्विकास शामिल हैं। एकाई सिटी, उज्जैन के टेंपल बॉन्ड प्रोजेक्ट, चित्रकूट विकास और फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट भी दिखाए जाएंगे। मुख्यमंत्री चुनिंदा निवेशकों से अलग से मुलाकात भी करेंगे।

इस दौरान शहरी विकास की कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी होगा। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के मकान, पेयजल, सीवरेज और कंप्रेस्ड बायोगैस की सुविधाएं शामिल हैं। डिजिटल गवर्नेंस, पुनर्विकास, आधुनिक शहरी नियोजन और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे पर भी चर्चा होगी।

आम आदमी के लिए इस नीति का सीधा मतलब यही है। शहर के अंदर अपना घर अब सिर्फ सपना नहीं रहेगा। किराए की रकम धीरे-धीरे उसी घर की कीमत में बदल सकेगी। लेकिन यह अभी मसौदा है, इसलिए अंतिम शर्तें कॉन्क्लेव के बाद ही साफ होंगी।

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